Middle East Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह लेबनान में अपने समर्थित संगठन हिजबुल्लाह की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाए। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि ईरान ने हिजबुल्लाह को नियंत्रित नहीं किया, तो अमेरिका पिछले सप्ताह से भी अधिक बड़ा सैन्य हमला कर सकता है।
स्विट्जरलैंड में जारी है अमेरिका-ईरान बातचीत
तनाव के बीच स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता जारी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है और दोनों देश मिलकर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। वेंस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प पश्चिम एशिया में अगले दशक के दौरान स्थायी शांति और नए संबंधों की शुरुआत चाहते हैं। पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में यह वार्ता आगे बढ़ रही है।
Middle East Crisis: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी चिंता
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट के आसपास सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। हालांकि अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में 67 जहाज इस मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजरे हैं और तेल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। इसी बीच भारत से जुड़े तीन तेल टैंकर भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत के लिए रवाना हो गए हैं। इन जहाजों में लाखों टन कच्चा तेल और भारतीय क्रू सदस्य सवार हैं।
Middle East Crisis: 80 मिनट बाद रुकी अमेरिका-ईरान वार्ता
सूत्रों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच हुई बैठक लगभग 80 मिनट तक चली, जिसके बाद दोनों पक्ष आंतरिक विचार-विमर्श के लिए अलग हो गए। फिलहाल इसे वार्ता का टूटना नहीं माना जा रहा है और आगे बातचीत जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
लेबनान में बढ़ा संघर्ष, हजारों लोगों की मौत
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष में लेबनान में मरने वालों की संख्या 4,000 से अधिक हो चुकी है। हजारों लोग घायल हुए हैं, जबकि महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्यकर्मियों समेत बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हुए हैं। इजराइली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि युद्धविराम बेहद नाजुक स्थिति में है और हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा तेज हो सकती है। उन्होंने सैनिकों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
खाड़ी देशों के शेयर बाजारों पर असर
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती अनिश्चितता का असर खाड़ी देशों के शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया। सऊदी अरब और कतर के प्रमुख शेयर सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता और क्षेत्रीय हालात पर टिकी हुई है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच दुनिया की नजर वार्ता पर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और हिजबुल्लाह को लेकर जारी विवाद के बीच अमेरिका और ईरान की वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बातचीत के नतीजे पूरे क्षेत्र की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।
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