Uttar Pradesh: योगी आदित्यनाथ सोमवार को अलीगढ़ दौरे पर थे, जहां नुमाइश ग्राउंड में करीब 10 हजार लोगों की मौजूदगी में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने करसुआ स्थित आईटीएम कॉलेज पहुंचकर Raja Mahendra Pratap Singh State University परिसर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और करीब 393 करोड़ रुपये की 10 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। पूरा कार्यक्रम विकास योजनाओं और समीक्षा बैठकों पर केंद्रित था।
लखनऊ से आई आग की खबर, तुरंत बदला पूरा माहौल
इसी दौरान Lucknow के अलीगंज सेक्टर-D स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की खबर मुख्यमंत्री तक पहुंची। घटना की गंभीरता का अंदाजा लगते ही सीएम योगी ने अपना संबोधन बीच में रोक दिया और तुरंत अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश जारी किए। अचानक आई इस सूचना ने पूरे कार्यक्रम का माहौल बदल दिया।
Uttar Pradesh: कोचिंग सेंटर में मची अफरा-तफरी, जान बचाने को कूदे छात्र
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में सोमवार दोपहर अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि भवन के अंदर मौजूद छात्रों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदते दिखाई दिए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
Uttar Pradesh: सीएम योगी ने दिए तत्काल राहत और बचाव के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने, घायलों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और घायलों तक जल्द चिकित्सा सुविधा पहुंचाना है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुद पहुंचे घटनास्थल Brajesh Pathak ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीम घने धुएं के कारण अंदर जाने के लिए पहली मंजिल की दीवार तोड़कर हरकमरे की तलाशी ले रही है। एम्बुलेंस, डॉक्टर और मेडिकल टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी घायल छात्र को तुरंत उपचार दिया जा सके।
अलीगढ़ में सुरक्षा बढ़ी, मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बदला
उधर अलीगढ़ में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अचानक बदलाव कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास 200 से 300 मीटर तक इलाका खाली कराया गया और आम लोगों व मीडियाकर्मियों की आवाजाही रोक दी गई। मुख्यमंत्री का काफिला सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचा जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की।घटना के बाद एहतियातन आसपास की इमारतों को खाली करा लिया गया है और पूरे इलाके का ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है। एक तरफ अलीगढ़ में विकास योजनाओं की सौगात थी, तो दूसरी तरफ लखनऊ के इस अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को चिंता में डाल दिया। मुख्यमंत्री का आगे का कार्यक्रम और रात्रि विश्राम भी रद्द कर दिया गया।
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