Iran crisis: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही उच्चस्तरीय बातचीत को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हुई हालिया बातचीत ने युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक “मजबूत नींव” तैयार कर दी है। पत्रकारों से बात करते हुए वेंस ने इस समझौते की तुलना एक घर से की। उन्होंने कहा, “हमने इसकी नींव रख दी है, घर अभी पूरा नहीं बना है, लेकिन हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और इसका फायदा अमेरिकी जनता को मिलेगा।”
ईरान के स्पीकर से लंबी वार्ता
रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस और ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ के बीच सोमवार को कई घंटों तक बातचीत हुई। यह वार्ता रविवार से शुरू होकर सोमवार तड़के तक चली और इसका मकसद दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में रास्ता निकालना था।
Iran crisis: फ्रीज संपत्तियों पर भी चर्चा
बातचीत के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश हुई। इसमें ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को लेकर भी चर्चा हुई। संकेत मिले हैं कि अमेरिका कुछ प्रतिबंधों में ढील देकर ईरानी फंड को आंशिक रूप से रिलीज करने पर विचार कर सकता है। इस प्रस्ताव के तहत यह धनराशि सीधे अमेरिका से सोयाबीन, मक्का और गेहूं जैसी कृषि वस्तुओं की खरीद में इस्तेमाल की जा सकती है, जिससे ईरानी जनता को राहत मिलने की बात कही जा रही है।
Iran crisis: कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता
इस पूरी बातचीत में कतर और पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि उच्चस्तरीय वार्ता समाप्त हो गई है, लेकिन तकनीकी स्तर की बातचीत इस हफ्ते भी स्विट्जरलैंड में जारी रहेगी। मध्यस्थ देशों ने इसे “सकारात्मक और उत्साहजनक प्रगति” बताया है।
कई अहम मुद्दों पर प्रगति का दावा
Iran crisis: एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, कई संवेदनशील मुद्दों पर आगे बढ़ने में सफलता मिली है। इनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने और दक्षिणी लेबनान में इजरायल व हिजबुल्लाह के बीच संभावित युद्धविराम जैसे विषय शामिल हैं। कुल मिलाकर, इस वार्ता को दोनों देशों के रिश्तों में एक संभावित बड़े बदलाव की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
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