George Kurian Resignation : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो चुका था, जिसके बाद उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री (MoS) का पद छोड़ दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्र सरकार में अगस्त 2024 से राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। उन्हें भाजपा और सरकार में ईसाई समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधियों में माना जाता था। उनके इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख चेहरों में बदलाव की चर्चा भी शुरू हो गई है।
George Kurian Resignation
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनका मंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं था। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि केरल की राजनीति और पार्टी की रणनीति को देखते हुए उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए नामित नहीं किया गया। हालांकि, भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जॉर्ज कुरियन भाजपा के पुराने नेताओं में शामिल हैं। वह 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही संगठन से जुड़े रहे हैं और लंबे समय तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे। संगठनात्मक अनुभव और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
राजनीतिक सफर
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले के एट्टुमानूर क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केरल में पूरी की और बाद में कानून में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। केंद्रीय मंत्री बनने से पहले जॉर्ज कुरियन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी। 9 जून 2024 को उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री पद की शपथ ली थी और 11 जून को मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था। अब राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के साथ उनका मंत्री पद का कार्यकाल भी खत्म हो गया है।
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