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RG Kar केस की गूंज विधानसभा तक, बेटी का नाम सुनते ही रो पड़ीं MLA रत्ना देबनाथ

RG-Kar CASE: पश्चिम बंगाल विधानसभा में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की ट्रेनी डॉक्टर ‘अभया’ हत्याकांड का जिक्र होते ही भावुक माहौल बन गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि उनकी सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जैसे ही उन्होंने अभया का नाम लिया, सदन में मौजूद उनकी मां रत्ना देबनाथ फूट-फूटकर रो पड़ीं। आसपास मौजूद महिला विधायकों ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया।

सीएम बोले- न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि नई सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आरजी कर मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने सरकार को अभया को न्याय दिलाने के लिए जनादेश दिया है। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है और तत्कालीन अस्पताल प्राचार्य डॉ. संदीप घोष को भी हटाया गया है। अन्य सभी पहलुओं की भी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

RG-Kar CASE: 2024 में हुई थी जघन्य वारदात

9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात 31 वर्षीय पीजी ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था। मामले के मुख्य आरोपी संजय रॉय को सियालदह कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 20 जनवरी 2025 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

परिवार ने दोबारा जांच की मांग की

हालांकि पीड़िता के माता-पिता अब भी जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले की दोबारा जांच की मांग की है। नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले को प्राथमिकता देने का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अभया कांड के हर पहलू की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।

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