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Anxiety Attack और High BP के लक्षण हैं मिलते-जुलते, ऐसे पहचानें अंतर

 Anxiety Attack vs High BP:

Anxiety Attack vs High BP: Anxiety Attack और High BP के कई लक्षण एक जैसे दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में अक्सर लोग दोनों के बीच अंतर नहीं समझ पाते। डॉक्टर से जानिए दोनों स्थितियों में क्या फर्क है और कब सावधान होने की जरूरत है। आज के भागदौड़ भरे जीवन में तनाव और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आम होती जा रही है। Anxiety Attack और High BP दोनों में दिल की धड़कन तेज होना, सीने में बेचैनी, चक्कर आना और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यही वजह है कि कई लोग इन दोनों स्थितियों को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं। गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल के मुताबिक, दोनों स्थितियों के लक्षणों में कुछ समानताएं जरूर हैं, लेकिन इनके कारण, पहचान और इलाज अलग-अलग होते हैं।

Anxiety Attack vs High BP: Anxiety Attack और High BP में क्या अंतर है-

डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि Anxiety या Panic Attack को कई बार लोग हाई ब्लड प्रेशर समझ लेते हैं। Anxiety Attack में सीने में बेचैनी, दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना, चक्कर और सांस फूलने जैसे लक्षण हो सकते हैं। वहीं हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी हो सकता है।

Anxiety Attack vs High BP: दोनों के लक्षणों में अंतर-

Anxiety Attack:

– अचानक शुरू हो सकता है और कुछ ही मिनटों में तेज हो जाता है।
– मानसिक तनाव, डर, सदमा या घबराहट से ट्रिगर हो सकता है।
– हाथ-पैर कांपना, पसीना आना, शरीर सुन्न पड़ना और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
– आमतौर पर कुछ समय बाद लक्षण कम होने लगते हैं।
– इसकी पहचान मुख्य रूप से लक्षणों और चिकित्सकीय मूल्यांकन से की जाती है।

High BP:

– यह कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी रह सकता है।
– उम्र, जेनेटिक कारण, ज्यादा वजन, अधिक नमक का सेवन और खराब लाइफस्टाइल जैसे कई कारक जोखिम बढ़ा सकते हैं।
– कुछ लोगों में सिरदर्द, थकान या धुंधला दिखाई देने जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
– इसका पता ब्लड प्रेशर को सही तरीके से मापने से चलता है।
– लगातार हाई रहने पर डॉक्टर की सलाह और नियमित निगरानी की जरूरत पड़ सकती है।

Anxiety Attack क्या होता है-

डॉ. विकास गोयल के अनुसार, Anxiety Attack बहुत ज्यादा तनाव या डर के कारण शरीर की प्रतिक्रिया हो सकती है। इसमें अचानक दिल की धड़कन तेज होना, शरीर कांपना, नियंत्रण खोने जैसा महसूस होना या किसी अनहोनी का डर लगना जैसे लक्षण हो सकते हैं।Anxiety या Panic जैसी स्थिति के दौरान शरीर की ‘फाइट या फ्लाइट’ प्रतिक्रिया सक्रिय होने से ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ सकता है। स्थिति शांत होने के बाद यह सामान्य स्तर पर लौट सकता है। StatPearls के अनुसार, Anxiety Disorders के पीछे जेनेटिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों का योगदान हो सकता है। तनाव, दर्दनाक अनुभव, कुछ दवाइयां या नशीले पदार्थों का सेवन और Panic Disorder जैसे कारण भी भूमिका निभा सकते हैं।

High Blood Pressure की पहचान कैसे करें-

High Blood Pressure यानी Hypertension को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। लंबे समय तक अनियंत्रित हाई BP रहने पर दिल, दिमाग और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। WHO के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर तब होता है जब रक्त वाहिकाओं में दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है। उम्र बढ़ना, जेनेटिक कारण, ज्यादा वजन या मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, अधिक नमक का सेवन और ज्यादा शराब का सेवन इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

Anxiety और High BP के बीच मुख्य अंतर-

डॉ. विकास गोयल के मुताबिक, Anxiety Attack आमतौर पर अचानक आता है और इसके लक्षण कुछ समय बाद कम हो सकते हैं। इसके विपरीत, हाई ब्लड प्रेशर कई बार तब भी बढ़ा हुआ रहता है जब व्यक्ति खुद को बिल्कुल सामान्य महसूस कर रहा हो। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर यह तय करना सही नहीं है कि ब्लड प्रेशर बढ़ा है या Anxiety की वजह से परेशानी हो रही है। BP की स्थिति जानने के लिए सही तरीके से ब्लड प्रेशर मापना जरूरी है।

हार्ट हेल्थ को बेहतर रखने के लिए अपनाएं ये टिप्स-

दिल को स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए:

– हेल्दी डाइट लें।
– नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करें।
– खाने में नमक की मात्रा कम रखें।
– तनाव को मैनेज करने की कोशिश करें।
– रोजाना पर्याप्त नींद लें।
– समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें-

अगर अचानक सीने में तेज दर्द, बहुत ज्यादा सांस लेने में परेशानी, बेहोशी या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए। अगर ब्लड प्रेशर 180/120 mmHg या उससे अधिक आता है और साथ में गंभीर लक्षण भी मौजूद हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। डॉ. विकास गोयल के अनुसार, अगर आपको बार-बार Anxiety जैसे लक्षण महसूस होते हैं या ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो खुद से बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। इससे परेशानी के सही कारण का पता लगाने और उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है

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