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किसानों को हाईटेंशन बिजली का झटका, मुआवजा मांगा तो मिली धमकी

Sikandrabad (Bulandshahr): किसानों को हाईटेंशन बिजली का झटका, मुआवजा मांगा तो मिली धमकी
Sikandrabad (Bulandshahr): उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कई गांवों के किसान इन दिनों मोहम्मदपुर में एकजुट होकर धरना दे रहे हैं। पिछले करीब 25 दिनों से धरना दे रहे इन किसानों का आक्रोश इस बात को लेकर है कि उनके खेतों के ऊपर से निकाली जा रही हाईटेंशन बिजली लाइनें फसलों और खेतों के लिए भारी नुकसानदायक हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
किसानों की मांग है कि हाईटेंशन बिजली लाइनों से उनके खेतों को जो नुकसान हो रहा है उसका उचित मुआवजा दिया जाय। इसके साथ ही वे मांग कर रहे हैं कि इन हाईटेंशन बिजली लाइनों की ऊंचाई बढ़ाई जाय क्योंकि इनमें आए दिन शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती हैं।इससे इंसानों और मवेशियों की जान के लिए खतरा बना रहता है। 
 
योगी सरकार से कोई शिकायत नहीं
धरना दे रहे किसानों का कहना है कि उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार से कोई शिकायत नहीं है। सरकार उनकी आय बढ़ाना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों के बारे में अच्छी सोच रखते हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। किसान कहते हैं कि डीएम साहब ने उचित मुआवजे का आश्वासन दिया था जो कि आज तक पूरा नहीं हो पाया।
किसानों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि पुलिस की मदद से उन्हें डरा-धमकाकर हाईटेंशन लाइन खींचने का काम चलता रहता है।वे बताते हैं कि प्राइवेट कंपनी ने पुलिस की मदद से 85 किलोमीटर लंबी हाइटेंशन लाइन खींच डाली, अब कंपनी बाकी तीन-चार किलोमीटर की लाइन खींचकर अपना काम पूरा कर लेगी, लेकिन मुआवजे की कोई बात नहीं हो रही है।किसान इसे अपने खिलाफ भारी अन्याय और गुंडागर्दी तक बता रहे हैं।

 Sikandrabad (Bulandshahr): किसानों को पुलिस की मदद से लूटा जा रहा

किसान जगपाल सिंह कहते हैं, “यदि क्षेत्रीय विधायक लक्ष्मी राज जी ने हमारे धरने को सपोर्ट न किया होता, तो हम कंपनी की बदमाशी को झेल नहीं पाते। कंपनी पुलिस की मदद से हमें लूट रही है।”

Sikandrabad (Bulandshahr): खेतों के बीचों-बीच निकाली हाइटेंशन लाइन 

किसान संजय कुमार दुखी मन से बताते हैं कि  “मेरे खेतों के बीचों-बीच लाइन निकाली गई।विरोध करने पर पुलिस बल लेकर आते हैं और हमें धमकाते हैं।मेरी जमीन बेकार हो गई।कल के दिन ऐसी जमीन को भला कौन खरीदेगा। मुझे अपने परिवार की चिंता हो रही है।” 

Sikandrabad (Bulandshahr): एक ही खाते में डाले तीन खातेदारों के पैसे

जिन किसानों को थोड़ा-बहुत मुआवजा मिला भी वे भी संतुष्ट नहीं हैं। किसान श्रीकृष्ण कहते हैं कि ‘हम तीन खातेदारों के पैसे एक ही खाते में डाल दिये गए।मुआवजे के नाम पर हमारे साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी हो रही है।” 

Sikandrabad (Bulandshahr): मौलिक अधिकारों का हनन

धरने में शामिल किसान दुख व्यक्त करते हैं कि हमारी जमीनों को नुकसान पहुंचाकर हमारे मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

Sikandrabad (Bulandshahr): विधायक का सहयोग मिला

किसान इस बात से संतुष्ट हैं कि क्षेत्रीय विधायक लक्ष्मी राज सिंह ने उनका मुद्दा विधानसभा में पहुंचाया, मई माह में जीओ भी पास करवाया। वे आश्वस्त हैं कि योगी सरकार उनकी सुनेगी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ उनमें जबर्दस्त असंतोष है। वे उचित मुआवजा मिलने पर ही अपना धरना वापस लेंगे।