Jharkhand News: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर तीनों इस्तीफे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिए हैं। वहीं, सरकार 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा समेत बैकलॉग की दो परीक्षाओं को रद्द करने के विकल्प पर विचार कर रही है। विवादित आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की CID और ED से जांच कराने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
राजभवन के मुताबिक डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था, जिसे राज्यपाल ने मंजूरी दे दी। यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने आयोग के तत्कालीन सदस्यों को पूछताछ के लिए समन भेजा था। जांच का दायरा TDPL के चयन, OMR शीट और आयोग के आंतरिक फैसलों से जुड़े मामलों तक पहुंच चुका है। ऐसे में तीन सदस्यों का इस्तीफा छात्र आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Jharkhand News: तीन परीक्षाएं रद्द करने पर विचार
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के अलावा JPSC बैकलॉग 2023 और बैकलॉग 2025 परीक्षाओं को रद्द करने के विकल्प पर चर्चा हुई। सरकार ने यह भी प्रस्ताव रखा कि संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की CID और ED से जांच कराई जाए। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला और आधिकारिक आदेश अभी बाकी है। इसलिए परीक्षाओं को रद्द किए जाने की स्थिति फिलहाल सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर है।
CBI जांच पर अड़े छात्र
बैठक में JSSC-CGL परीक्षा की जांच को लेकर सहमति नहीं बन सकी। छात्र प्रतिनिधियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराने की मांग दोहराई। सरकार की ओर से सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित करने का प्रस्ताव रखा गया। छात्र संगठनों ने इस विकल्प को स्वीकार नहीं किया और कहा कि CBI जांच से कम उन्हें मंजूर नहीं है।
Jharkhand News: लिखित आदेश तक आंदोलन रहेगा जारी
बैठक के बाद छात्र प्रतिनिधि रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि CBI जांच और अन्य प्रमुख मांगों को लेकर लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। छात्रों की मांगों और सरकार के प्रस्तावों के बीच अब अगली बातचीत और आधिकारिक फैसले पर सबकी नजर है।








