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नागरिकता बहस में सलमान खुर्शीद की एंट्री, पासपोर्ट को लेकर उठाए कई बड़े सवाल

Passport Debate: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने पासपोर्ट और नागरिकता को लेकर विदेश मंत्रालय की हालिया सफाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर इतने वर्षों बाद यह स्पष्टीकरण देने की जरूरत क्यों महसूस हुई। साथ ही उन्होंने आपातकाल, राम मंदिर दान विवाद और विपक्षी गठबंधन जैसे मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

‘पासपोर्ट और नागरिकता का संबंध पूरी तरह खत्म नहीं’

सलमान खुर्शीद ने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम के तहत भारतीय नागरिक न होने पर पासपोर्ट जारी नहीं किया जाता। ऐसे में यह कहना कि पासपोर्ट का नागरिकता से कोई संबंध नहीं है, आम लोगों के लिए भ्रम पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि नागरिकता का अंतिम निर्धारण नागरिकता अधिनियम के तहत होता है, लेकिन दोनों कानूनों को साथ पढ़ने पर दोनों के बीच स्पष्ट संबंध दिखाई देता है।

Passport Debate: ‘सरकार बताए अब स्पष्टीकरण क्यों?’

उन्होंने कहा कि यदि सरकार बॉम्बे हाईकोर्ट के 2013 के फैसले का हवाला दे रही है तो यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसी समय इस विषय पर स्थिति साफ क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में नागरिकता और मतदाता पहचान से जुड़े सवाल उठ रहे हैं, इसलिए सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

आपातकाल पर एनसीईआरटी की किताबों पर भी टिप्पणी

एनसीईआरटी की नई किताबों में आपातकाल से जुड़े अध्याय पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि इतिहास को एकतरफा नहीं, बल्कि पूरी पृष्ठभूमि के साथ पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भी बताया जाना चाहिए कि आपातकाल के बाद चुनाव हुए, कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई और बाद में जनता ने उसे दोबारा बहुमत देकर सत्ता में लौटाया।

Passport Debate: ‘संविधान हत्या दिवस’ पर सरकार को घेरा

भाजपा द्वारा आपातकाल की बरसी पर ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाने पर उन्होंने कहा कि संविधान सभी को अपनी बात रखने का अधिकार देता है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि आज संविधान को कमजोर करने के सवाल उठ रहे हैं और पहले उन पर जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में “अघोषित आपातकाल” जैसी चर्चाएं भी हो रही हैं।

राम मंदिर दान विवाद में एफआईआर पर सवाल

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो सबसे पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना प्राथमिकी दर्ज किए सीधे एसआईटी गठित करने का फैसला क्यों लिया गया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

Passport Debate: यूपी में गठबंधन पर क्या बोले?

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों के लिए गठबंधन सबसे व्यावहारिक रास्ता है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां विपक्ष एकजुट हुआ, वहां बेहतर परिणाम मिले हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।

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