New Delhi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। एनसीईआरटी की कक्षा 9 की किताब में आपातकाल पर अध्याय शामिल किए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार के पास पाठ्यपुस्तकों में अध्याय जोड़ने का अधिकार है, लेकिन असली सवाल यह है कि किसी घटना को किस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी यह नहीं नकार सकता कि आपातकाल लगा था, लेकिन क्या उसके पीछे की परिस्थितियों और उसके परिणामों को भी समान रूप से बताया जा रहा है?
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भी जिक्र होना चाहिए कि आपातकाल के बाद चुनाव हुए थे, कांग्रेस चुनाव हारी थी और बाद में दो-तिहाई बहुमत के साथ फिर सत्ता में लौटी थी। इतिहास को चुनिंदा तथ्यों के आधार पर नहीं, बल्कि पूरी सच्चाई के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
आपातकाल पर अदालत और जनता दोनों ने फैसला दिया
भाजपा द्वारा आपातकाल के 51 साल पर ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाए जाने पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि संविधान सभी को अपनी बात रखने का अधिकार देता है, इसलिए कोई भी ऐसा कार्यक्रम मना सकता है। लेकिन उन्होंने कहा कि यह भी स्वीकार करना चाहिए कि संविधान आज भी जीवित है और विभिन्न सरकारों के आने-जाने के बावजूद उसकी ताकत बनी हुई है।
New Delhi: संविधान के तहत लागू हुआ आपातकाल
उन्होंने आरोप लगाया कि आज संविधान को कमजोर करने के सवाल उठ रहे हैं और पहले उन सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। सलमान खुर्शीद ने कहा कि दुनिया के कई लोग आज “अघोषित आपातकाल” जैसी बातों की चर्चा कर रहे हैं। आपातकाल संविधान के तहत लागू किया गया था और यदि उसका दुरुपयोग हुआ था तो उसका फैसला अदालतों और जनता दोनों ने किया था।
New Delhi: FIR के बिना एसआईटी क्यों ?
राम मंदिर दान विवाद पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि यदि वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई है तो सामान्य प्रक्रिया के तहत सबसे पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि एफआईआर दर्ज किए बिना सीधे एसआईटी गठित करने का फैसला क्यों लिया गया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े और भाजपा के करीब माने जाने वाले कई लोग भी अब सवाल उठा रहे हैं कि वर्षों के संघर्ष और समर्पण से बने राम मंदिर में यदि दान की राशि को लेकर विवाद पैदा हो रहा है तो यह बेहद गंभीर विषय है।
New Delhi: पासपोर्ट पर स्पष्टीकरण की जरूरत क्यों ?
पासपोर्ट-नागरिकता विवाद पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि पासपोर्ट पर स्पष्टीकरण की जरूरत क्यों पड़ी? यह स्पष्टीकरण कई लोगों को चौंका सकता है। पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को कई शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं और विभिन्न दस्तावेज जमा करने होते हैं।
सलमान खुर्शीद ने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम में साफ लिखा है कि यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसे पासपोर्ट देने से इनकार किया जा सकता है। ऐसे में यह कहना उचित होगा कि पासपोर्ट और नागरिकता के बीच कुछ न कुछ संबंध अवश्य है।








