IPS Success Story: कभी पंजाब के लुधियाना की साधारण गलियों में पढ़ाई करने वाला एक छात्र आज पूरे देश में ‘यूपी के सिंघम’ और ‘डॉक्टर-कॉप’ के नाम से जाना जाता है। सख्त पुलिसिंग, ईमानदार छवि और बेखौफ फैसलों ने IPS अजय पाल शर्मा को अलग पहचान दिलाई। हालांकि इन दिनों वे एक विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन उनकी सफलता की कहानी आज भी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।
लुधियाना की मिट्टी से निकला एक होनहार बेटा
दरअसल, अजय पाल शर्मा का मूल संबंध पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना से है। विकास नगर इलाके में पले-बढ़े अजय बचपन से ही अनुशासित, शांत स्वभाव और पढ़ाई में बेहद तेज माने जाते थे। पड़ोसी आज भी उन्हें मेहनत और सादगी की मिसाल बताते हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा शास्त्री नगर स्थित आरएस मॉडल स्कूल से हुई। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने साबित कर दिया था कि उनका लक्ष्य बड़ा है और उसे पाने के लिए मेहनत से कभी पीछे नहीं हटेंगे।

IPS Success Story: पहले बने डॉक्टर बाद में चुनी देश की सेवा
आपको बता दें कि अजय पाल शर्मा की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पहले मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया। लेकिन यहीं नहीं रुके। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और IPS अधिकारी बनकर देश सेवा का नया रास्ता चुना। उनके छोटे भाई अमित पाल शर्मा ने भी डॉक्टर बनने के बाद IAS बनने का सफर तय किया। दोनों भाइयों की यह उपलब्धि आज भी युवाओं के लिए मिसाल मानी जाती है। अजय पाल शर्मा के पिता अमरजीत शर्मा सरकारी स्कूल में पंजाबी के लेक्चरर रहे हैं। वे विद्यार्थियों को निशुल्क मार्गदर्शन देने और सादगीपूर्ण जीवन के लिए इलाके में सम्मानित रहे हैं। वहीं मां प्रेम शर्मा ने परिवार की जिम्मेदारियों के साथ बच्चों की शिक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफलता मिलने के बाद भी दोनों भाइयों में कभी घमंड नहीं आया। वे हमेशा अपने लक्ष्य और काम पर केंद्रित रहे।
‘यूपी के सिंघम‘ बने अजय पाल शर्मा
हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अजय पाल शर्मा और उनके भाई अमित पाल शर्मा की संयुक्त तैनाती भी काफी चर्चा में रही थी। एक भाई प्रशासन संभाल रहा था तो दूसरा कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहा था। उत्तर प्रदेश में अपनी पोस्टिंग के दौरान अजय पाल शर्मा ने कई बड़े अपराधियों पर कार्रवाई की। अपराध के खिलाफ उनके सख्त रवैये और बेखौफ फैसलों ने उन्हें ‘यूपी के सिंघम’ की पहचान दिलाई। मेडिकल बैकग्राउंड होने के कारण लोग उन्हें ‘डॉक्टर-कॉप’ भी कहते हैं।
IPS Success Story: विवादों के बीच भी कायम पहचान
हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल से जुड़े एक विवाद के कारण अजय पाल शर्मा का नाम चर्चा में है। इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। हालांकि उनके समर्थकों और लुधियाना के कई स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारी की जो छवि उन्होंने बनाई है, उसे देखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए। एक साधारण परिवार से निकलकर डॉक्टर बनना, फिर कठिन UPSC परीक्षा पास कर IPS अधिकारी बनना और अपनी कार्यशैली से देशभर में पहचान बनाना अजय पाल शर्मा का सफर बताता है कि मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य इंसान को किसी भी मुकाम तक पहुंचा सकते हैं। यही वजह है कि उनकी कहानी आज भी हजारों प्रतियोगी छात्रों और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
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