Home » उत्तर प्रदेश » राम मंदिर चंदा मामले पर अखिलेश यादव का तीखा तंज! पूछा- CM अयोध्या जाते रहे, फिर भी भनक क्यों नहीं लगी?

राम मंदिर चंदा मामले पर अखिलेश यादव का तीखा तंज! पूछा- CM अयोध्या जाते रहे, फिर भी भनक क्यों नहीं लगी?

RAM MANDIR NEWS: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ हुआ है तथा भाजपा की प्राथमिकता अब “नेशन फर्स्ट” नहीं बल्कि “डोनेशन फर्स्ट” हो गई है।

‘राम की पाई चुराने वालों’ पर तंज

प्रयागराज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “चोर-चोरे सौतेले भाई, जिन्होंने चुराई राम की पाई, देखो जा रहा वो भाजपाई, जिसने खाई राम की पाई।” उन्होंने दावा किया कि कथित चंदा गड़बड़ी के तार महाराष्ट्र और कर्नाटक तक जुड़े हुए हैं।

RAM MANDIR NEWS: ‘नेशन नहीं, डोनेशन पर नजर’

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की निगाहें देश पर नहीं बल्कि चंदे पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने “नेशन फर्स्ट” का नारा दिया था, वे अब “डोनेशन फर्स्ट” की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की धार्मिक आस्था के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ है, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

भाजपा का नाम बदलने की सलाह

अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा का नाम बदलकर “भाचपा” कर देना चाहिए, क्योंकि उसमें केवल चतुराई, चंदा, चालबाजी और चोरी ही बची है। उनके अनुसार भाजपा के शब्दकोश में अब धर्म और आस्था नहीं, बल्कि धन सबसे ऊपर है।

RAM MANDIR NEWS: सीएम योगी पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि जो मुख्यमंत्री अयोध्या जाने का रिकॉर्ड बना रहे थे, उन्हें इतनी यात्राओं के बावजूद कथित गड़बड़ियों की भनक तक नहीं लगी। उन्होंने कहा, “चिराग तले अंधेरा” वाली कहावत इस मामले पर पूरी तरह लागू होती है।

‘धर्म की आड़ में गड़बड़ी स्वीकार नहीं’

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सनातन धर्म के सम्मान और संरक्षण के पक्ष में है, लेकिन धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

ये भी पढ़े… राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तत्काल सुनवाई से किया साफ इनकार