Breaking News
Home » उत्तर प्रदेश » दिल छू लेने वाली तस्वीर! पहली बार शहर आईं 40 आदिवासी महिलाओं का DIG ने किया स्वागत, 6 पुलिसकर्मी रहे सुरक्षा में तैनात

दिल छू लेने वाली तस्वीर! पहली बार शहर आईं 40 आदिवासी महिलाओं का DIG ने किया स्वागत, 6 पुलिसकर्मी रहे सुरक्षा में तैनात

UP NEWS: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र स्थित पंडी गांव की 40 आदिवासी महिलाओं ने सोमवार को पहली बार अपने गांव से बाहर निकलकर वाराणसी शहर देखा। वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण की पहल पर मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और ग्रामीणों को काशी विश्वनाथ धाम सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया गया। ग्रामीणों के लिए पुलिस विभाग ने विशेष बस की व्यवस्था की थी।

पहली बार देखा शहर

करीब 80 परिवारों वाले पंडी गांव की अधिकांश महिलाएं आज तक किसी शहर नहीं गई थीं। सुबह विशेष बस से 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को गांव से वाराणसी लाया गया। यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारी और जवान भी साथ रहे। शहर की रौनक और मंदिरों का वैभव देखकर महिलाओं की खुशी देखते ही बन रही थी।

UP NEWS: काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख मंदिरों के दर्शन

वाराणसी पहुंचने के बाद सबसे पहले सभी श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद संकटमोचन मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया गया। यात्रा के दौरान भोजन, सुरक्षा और अन्य सभी व्यवस्थाएं पुलिस विभाग ने सुनिश्चित कीं।

UP NEWS
                                                                            UP NEWS

महिलाओं की इच्छा पूरी की

डीआईजी वैभव कृष्ण 15 जून को नौगढ़ क्षेत्र के पंडी गांव पहुंचे थे। ग्रामीण महिलाओं से बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि अधिकांश महिलाओं ने कभी शहर नहीं देखा। जब उनसे पूछा गया कि अवसर मिले तो कहां जाना चाहेंगी, तो महिलाओं ने काशी विश्वनाथ और बनारस देखने की इच्छा जताई। इसके बाद डीआईजी ने तत्काल मिशन शक्ति अभियान के तहत भ्रमण की योजना बनाने के निर्देश दिए।

UP NEWS: मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास

डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा कि दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से आदिवासी महिलाओं को काशी दर्शन कराया गया, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ सकें।

आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांव

पंडी गांव अब भी विकास की कई बुनियादी सुविधाओं से दूर है। पहाड़ और जंगलों से घिरे इस गांव में गर्मियों में पेयजल संकट गहराता है। मोबाइल नेटवर्क की सुविधा भी लगभग नहीं है और अधिकांश ग्रामीण मजदूरी तथा जंगल से मिलने वाले संसाधनों पर निर्भर हैं। सीमित आय के कारण परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बना हुआ है।

ये भी पढ़े… Srinagar में 36 साल पुराने सरला भट्ट हत्याकांड में यासीन मलिक समेत 5 पर चार्जशीट, SIA ने कोर्ट में पेश किए 737 पन्नों के सबूत