Yogi In Moradabad: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि क्या उन्हें कुछ सद्बुद्धि आई है या जनता की आंख में धूल झोंक रहे हैं। वह कह रहे हैं कि उनकी सरकार बनी तो अयोध्या को चमकाएंगे, जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार पहले ही अयोध्या का अभूतपूर्व विकास कर चुकी है। उन्होंने कहा कि वहां अब उनके सहयोग की कोई आवश्यकता नहीं। लेकिन, इस बात के लिए धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने आखिरकार अयोध्या को स्वीकार किया। देर-सवेर सपा मुखिया भी भगवान श्रीराम का संकीर्तन करते दिखाई देंगे और रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने के पाप का सार्वजनिक पश्चाताप करेंगे।
करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
दरअसल, बीते दिन मुख्यमंत्री मुरादाबाद में मुरादाबाद नगर, मुरादाबाद देहात एवं कुंदरकी विधानसभा क्षेत्रों, नगर निगम व मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की 365 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दानवीर भामाशाह जी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और व्यापारी कल्याण दिवस पर व्यापारियों को सम्मान पत्र वितरित किए। सीएम ने कार्यक्रम स्थल में लगे स्टाल्स का निरीक्षण किया। उन्होंने एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर चम्मच से दूध पिलाकर दुलारा और उसे खिलौना भी दिया। सीएम योगी ने नगर निगम की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को डबल इंजन सरकार पहले ही नई पहचान दे चुकी है। फोरलेन सड़क संपर्क, रेलवे की डबल लाइन, महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट, निषादराज के नाम पर रैन बसेरे, माता शबरी के नाम पर भोजनालय और राम की पैड़ी जैसे कार्य सरकार ने कराए हैं। अब समय मथुरा-वृंदावन और बांके बिहारी क्षेत्र के विकास का है। अखिलेश यादव वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहते हैं तो उन्हें खुलकर मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलना चाहिए। तुष्टिकरण से उबरना चाहिए। तभी जनता उनके बदले हुए रुख पर विश्वास करेगी।
Yogi In Moradabad: सपा की बाबरी सोच
उन्होंने कहा कि सपा की बाबरी सोच है। यह समाज को जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर बांटने का काम करती है। संभल का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि यदि समाज जागरूक रहता तो वहां के प्राचीन हरिहर मंदिर, 67 तीर्थों और 19 प्राचीन कुओं पर किसी प्रकार का अतिक्रमण या क्षति नहीं होती। समाज को अपनी विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू व उपद्रव नहीं होते। कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में जनता ने साबित कर दिया कि अब बाबर का नहीं, रामराज ही चलेगा। लोगों ने विकास व सुशासन के पक्ष में मतदान किया और भाजपा प्रत्याशी ठाकुर रामवीर सिंह को विजयी बनाया। पहले सरकारी धन कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनाने और तुष्टीकरण की राजनीति पर खर्च होता था, जबकि आज वही धन मंदिरों के पुनरुद्धार, धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, रामायण वाटिका, संविधान वाटिका और सेना के शौर्य को सम्मानित करने वाले कार्यों पर लगाया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, नैमिषारण्य, विदुर कुटी और मथुरा-वृंदावन सहित अनेक धार्मिक स्थलों का अभूतपूर्व विकास किया गया है।
9 वर्ष पहले का मुरादाबाद उपद्रव, अराजकता और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था।
आज का मुरादाबाद फिर से ‘पीतल नगरी’ और ‘एक्सपोर्ट हब’ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है… pic.twitter.com/FTP9NxqzDU
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 29, 2026
प्रदेश में विरासत और विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा” की स्थिति है। सरकार अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कोई बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, व्यापारी का अपहरण करेगा, नौजवान की नौकरी में सेंध लगाएगा या किसान के अधिकारों का हनन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने कहा कि सपा की राजनीतिक जमीन लगातार कमजोर हुई है। जनता ने विकास व सुशासन को चुना है। अराजकता व तुष्टीकरण की राजनीति को नकार दिया। सपा की साइकिल अब पंक्चर हो चुकी है, उसकी गति समाप्त हो गई है। अब उसके आगे बढ़ने की कोई संभावना नहीं बची है। यदि विपक्ष राम का नाम लेता है तो यह भी सकारात्मक परिवर्तन है और इससे उसका भविष्य में भला ही होगा। मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सरकार गुरु जम्भेश्वर के प्राचीन मंदिर के कॉरिडोर विकास का कार्य करेगी। यह स्थल प्रदेश की धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है और सरकार इसके संरक्षण एवं विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
गुरु जम्भेश्वर के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना और मंदिर परिसर के समग्र विकास से मुरादाबाद की नई पहचान बनेगी। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के वरिष्ठ नेता और मुरादाबाद की विभूति दाऊ दयाल खन्ना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घोषणा की कि लाइनपार क्षेत्र का नाम बदलकर ‘दाऊ दयाल खन्ना नगर’ किया जाएगा। वर्ष 1983 में गठित श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति में उनके पूज्य गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ अध्यक्ष थे, जबकि दाऊ दयाल खन्ना महासचिव के रूप में पूरे आंदोलन से जुड़े रहे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को समर्पित किया। सरकार उनके योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। हल्दीघाटी युद्ध के बाद जब महाराणा प्रताप के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया और उनके पास संसाधन नहीं बचे। तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण संपत्ति राष्ट्र रक्षा के लिए समर्पित कर दी। उसी धन के बल पर महाराणा प्रताप ने वर्षों तक संघर्ष जारी रखा और मेवाड़ के अनेक दुर्गों पर दोबारा अधिकार स्थापित किया। भामाशाह का जीवन आज भी समाज और व्यापारियों को राष्ट्रहित में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
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