Karnataka News: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अपने सदाशिवनगर स्थित आवास पर खुद एन्यूमरेशन फॉर्म भरा और उसे जमा किया। मुख्यमंत्री ने सभी योग्य मतदाताओं से अपील की कि वे समय सीमा के अंदर इस प्रक्रिया को पूरा करें। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। साथ ही भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी मतदाता पहचान का सही होना जरूरी हो सकता है।
घर-घर जाकर शुरू हुआ मतदाता सत्यापन अभियान
मुख्यमंत्री ने चुनाव अधिकारियों से एन्यूमरेशन फॉर्म लिया, उसे पूरा किया और जमा किया। इसके साथ ही राज्यभर में एक महीने तक चलने वाला घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन अभियान शुरू हो गया। इस दौरान बेंगलुरु दक्षिण के उपायुक्त यशवंत गुरूकर भी मौजूद रहे। उनके अधिकार क्षेत्र में मुख्यमंत्री का पैतृक गांव डोड्डालहल्ली (कनकपुरा) आता है।
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत उनके आवास से हुई है और वह इस प्रक्रिया को पूरा करने वाले पहले जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने राज्य के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे भी तय समय के भीतर एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा करें।
Karnataka News: फॉर्म भरने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल
मुख्यमंत्री ने माना कि एन्यूमरेशन फॉर्म भरना थोड़ा कठिन महसूस हुआ क्योंकि इसमें कई तरह की विस्तृत जानकारियां देनी पड़ती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर लोग निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी जमा कर सकते हैं।
शिवकुमार ने कहा कि अगर लोग अपनी मतदाता पहचान को सुरक्षित नहीं रखते हैं तो आने वाले समय में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल कर्नाटक के वास्तविक निवासियों तक ही पहुंचे।
मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी अपडेट करने की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता अपना मोबाइल नंबर भी अपडेट कर सकते हैं। इससे भविष्य में मतदाता सेवाओं से जुड़े ओटीपी और अन्य डिजिटल सुविधाओं का उपयोग आसानी से किया जा सकेगा। इसके अलावा नाम, फोटो और दूसरी जानकारियों में जरूरी बदलाव भी कराए जा सकते हैं।
शिवकुमार ने जानकारी दी कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) मतदाताओं की सहायता के लिए व्हाट्सएप ग्रुप भी बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर परिवार का कोई सदस्य घर पर मौजूद नहीं है तो परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य उसकी ओर से एन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है। सभी भरे हुए फॉर्म 29 जुलाई तक संबंधित बीएलओ या बीएलए को जमा करने होंगे।
ऐप में परेशानी होने पर ऑफलाइन फॉर्म भरने की सलाह
मुख्यमंत्री ने लोगों को सलाह दी कि अगर मोबाइल ऐप के माध्यम से फॉर्म भरने में समस्या आती है तो वे ऑफलाइन फॉर्म लेकर उसे भर सकते हैं और जमा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भी ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हुई थी, इसलिए ऑफलाइन तरीका अधिक आसान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आधार कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य नहीं है, बल्कि इसे अतिरिक्त जानकारी के रूप में स्वेच्छा से दिया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर सरकार का रुख
सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों ने दूसरे राज्यों में पंजीकृत लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक भी भविष्य में इसी तरह के नियम अपना सकता है, क्योंकि सरकार चाहती है कि कोई व्यक्ति एक से अधिक राज्यों में सरकारी योजनाओं का लाभ न ले।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि एसआईआर प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करेगी। यह प्रमाण पत्र सेवा सिंधु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध कराया जाएगा।
29 जुलाई तक चलेगा अभियान
कर्नाटक में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म एकत्र करेंगे। इसके बाद 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) जारी किया जाएगा। दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
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