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क्या भारत लौटाएगा शेख हसीना? बांग्लादेश ने तेज किए प्रयास, कानूनी समीक्षा में जुटी मोदी सरकार

Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बांग्लादेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि शेख हसीना को वापस लाने के लिए राजनयिक और कानूनी स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, भारत ने भी बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध की समीक्षा अपनी न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रिया के तहत शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर दोनों देशों की नजर बनी हुई है।

बांग्लादेश सरकार बोली- हर संभव प्रयास जारी

बांग्लादेश की विदेश राज्यमंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी जा रही है और यह प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, सरकार चाहती है कि शेख हसीना अपने खिलाफ दर्ज मामलों का सामना बांग्लादेश की अदालतों में करें। सरकार का कहना है कि इस दिशा में सभी आवश्यक राजनयिक कदम उठाए जा रहे हैं।

Bangladesh: आंदोलन के बाद भारत में हैं शेख हसीना

बांग्लादेश में बड़े राजनीतिक आंदोलन के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भारत में शरण ली और तब से वह यहीं रह रही हैं। आंदोलन के दौरान सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आरोप लगे थे। इन्हीं घटनाओं से जुड़े मामलों में शेख हसीना के खिलाफ कई कानूनी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए उनका देश लौटना आवश्यक है।

भारत ने कहा- कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी समीक्षा

भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि बांग्लादेश की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध पर तय कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार विचार किया जा रहा है। भारत ने संकेत दिया है कि किसी भी निर्णय से पहले सभी कानूनी पहलुओं और दोनों देशों के बीच लागू समझौतों की समीक्षा की जाएगी। दूसरी ओर, शेख हसीना ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए उन्हें निराधार करार दिया है। ऐसे में अब यह मामला दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों और कानूनी प्रक्रियाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में भारत की समीक्षा प्रक्रिया और बांग्लादेश के कूटनीतिक प्रयास इस मुद्दे की दिशा तय करेंगे।

REPORT BY- RASHMI SHARMA

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