Tamil Nadu News: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के गुम्मीडीपुंडी स्थित एसआईपीसीओटी औद्योगिक क्षेत्र की एक स्टील मेल्टिंग यूनिट में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। फैक्ट्री के अंदर बॉयलर फटने से एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। विस्फोट के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रवासी मजदूर की मौके पर मौत
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान रवि के रूप में हुई है। वह उत्तर भारत के एक राज्य का रहने वाला प्रवासी मजदूर था। हादसे के समय वह ड्यूटी पर मौजूद था। बॉयलर फटने के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई।विस्फोट में चार अन्य मजदूर भी गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
काम के दौरान हुआ विस्फोट
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, स्टील मेल्टिंग यूनिट में कर्मचारी रोज की तरह अपना काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बॉयलर में जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि देखते ही देखते फैक्ट्री में आग फैल गई।विस्फोट के बाद फैक्ट्री में ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और पूरे औद्योगिक परिसर में धुएं का घना गुबार फैल गया। इससे आसपास काम कर रहे मजदूरों में दहशत फैल गई और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन एवं बचाव सेवा की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल बॉयलर विस्फोट की सही वजह सामने नहीं आई है। यह जांच की जा रही है कि हादसा तकनीकी खराबी, मशीनों की विफलता या औद्योगिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण हुआ। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि संबंधित बॉयलर का समय पर रखरखाव और जरूरी सुरक्षा निरीक्षण किया गया था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मंगलवार को हुए इस हादसे के बाद जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और विस्फोट से हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।कुछ दिन पहले पेरियापालयम के पास स्थित एक झींगा (श्रिम्प) प्रसंस्करण फैक्ट्री में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। इस घटना में 18 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग भी इसकी चपेट में आए थे। खतरनाक गैस को पूरी तरह हटाने के लिए प्रशासन ने चार दिनों तक अभियान चलाया था। इसके बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया था।
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