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पश्चिम बंगाल में 77 जातियों के OBC दर्जे पर बड़ा फैसला, भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली अपील

West Bengal

West Bengal: पश्चिम बंगाल में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से जुड़े बहुचर्चित मामले में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य की नई भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी अपील वापस ले ली है, जो कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दाखिल की गई थी जिसमें 77 जातियों को ओबीसी सूची से बाहर कर दिया गया था। इन 77 जातियों में 75 मुस्लिम समुदाय शामिल थे। सरकार के इस कदम के बाद हाईकोर्ट के फैसले को राज्य सरकार की ओर से दी गई चुनौती समाप्त हो गई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मामले से प्रभावित अन्य पक्ष चाहें तो कानूनी प्रक्रिया जारी रखते हुए हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अपील वापस लेने की दी अनुमति

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके बाद अदालत ने सरकार को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। यह फैसला मई 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा सरकार बनने के पश्चात लिया गया। इससे पहले तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा अपील वापस लेने से अन्य प्रभावित पक्षों के कानूनी अधिकार समाप्त नहीं होंगे। यदि कोई व्यक्ति, संस्था या समुदाय इस फैसले से असहमत है तो वह अपनी ओर से सुप्रीम कोर्ट में कानूनी चुनौती जारी रख सकता है।

West Bengal: कलकत्ता हाईकोर्ट ने क्यों रद्द किया था OBC दर्जा?

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मई 2024 में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 77 जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करने के फैसले को निरस्त कर दिया था। इनमें 75 मुस्लिम समुदाय शामिल थे। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि इन समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल करने से पहले उनके सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का उचित सर्वेक्षण नहीं किया गया। साथ ही कोर्ट ने धार्मिक आधार पर आरक्षण देने को संविधान के सिद्धांतों के विपरीत माना था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार को ओबीसी सूची में संशोधन करना पड़ा। इसके तहत 2010 के बाद जोड़े गए सभी 77 समुदायों को सूची से बाहर कर दिया गया।

अब केवल 66 जातियां रहेंगी OBC सूची में

हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में पश्चिम बंगाल की संशोधित ओबीसी सूची में अब केवल 66 जातियां ही मान्य रहेंगी। ये वे समुदाय हैं जिन्हें वर्ष 2010 से पहले किए गए सामाजिक और शैक्षणिक सर्वेक्षणों के आधार पर ओबीसी श्रेणी में शामिल किया गया था। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य कैबिनेट ने अपील वापस लेने का औपचारिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी अपनी अलग अपील वापस ले ली। आयोग की ओर से अधिवक्ता कुणाल चटर्जी ने अदालत को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अपीलें वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा कि यदि कोई अन्य प्रभावित पक्ष इस फैसले को चुनौती देना चाहता है तो उसके लिए कानूनी रास्ता खुला रहेगा।

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