Home » बिज़नेस » जूही चावला करेंगी सौराष्ट्र सीमेंट में हिस्सेदारी ट्रांसफर, SEBI ने ओपन ऑफर से दी छूट

जूही चावला करेंगी सौराष्ट्र सीमेंट में हिस्सेदारी ट्रांसफर, SEBI ने ओपन ऑफर से दी छूट

 Juhi Chawla:

Juhi Chawla: मार्केट रेगुलेटर SEBI ने अभिनेत्री जूही चावला और उद्योगपति जय मेहता से जुड़े मेहता फैमिली ट्रस्ट को सौराष्ट्र सीमेंट लिमिटेड में प्रस्तावित अप्रत्यक्ष (Indirect) हिस्सेदारी अधिग्रहण के लिए ओपन ऑफर लाने की अनिवार्यता से छूट दे दी है। यह फैसला प्रमोटर परिवार के भीतर होने वाली इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

Juhi Chawla: किसे ट्रांसफर होगी हिस्सेदारी-

प्रस्तावित डील के तहत जय महेंद्र मेहता अपनी कंपनी गैलेक्सी टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड में मौजूद 49.99% हिस्सेदारी मेहता फैमिली ट्रस्ट को ट्रांसफर करेंगे। वहीं, जूही चावला अपनी कंपनी ओम्ना एंटरप्राइजेज LLP में 50.04% डिविडेंड और वोटिंग हिस्सेदारी इसी ट्रस्ट को सौंपेंगी। गैलेक्सी टेक्नोलॉजीज़ और ओम्ना एंटरप्राइजेज, दोनों सौराष्ट्र सीमेंट के प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा हैं और संयुक्त रूप से कंपनी में 24.04% हिस्सेदारी रखते हैं। जूही चावला और उनके पति जय मेहता, वर्ष 2019 में बने मेहता फैमिली ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं।

Juhi Chawla: SEBI ने क्यों दी ओपन ऑफर से छूट-

SEBI के टेकओवर नियमों के तहत किसी कंपनी में अप्रत्यक्ष अधिग्रहण की स्थिति में आमतौर पर ओपन ऑफर लाना जरूरी होता है। हालांकि, रेगुलेटर ने इस मामले को प्रमोटर परिवार के भीतर की इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग माना और ओपन ऑफर की अनिवार्यता से छूट दे दी। SEBI के होल-टाइम मेंबर कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने अपने आदेश में कहा कि यह ट्रांजैक्शन नॉन-कमर्शियल है और इससे सार्वजनिक शेयरधारकों के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

कंपनी के कंट्रोल में नहीं होगा बदलाव-

SEBI के आदेश के अनुसार, इस ट्रांजैक्शन के बाद सौराष्ट्र सीमेंट के कंट्रोल में कोई बदलाव नहीं होगा। प्रमोटर ग्रुप की 66.62% हिस्सेदारी और पब्लिक शेयरहोल्डिंग 33.38% पर यथावत बनी रहेगी।

इन शर्तों के साथ मिली मंजूरी-

SEBI ने यह छूट कुछ शर्तों के साथ दी है। अधिग्रहण पूरा होने के 21 दिनों के भीतर रेगुलेटर को रिपोर्ट सौंपनी होगी। साथ ही, यह छूट एक वर्ष तक वैध रहेगी और इसी अवधि के भीतर प्रस्तावित ट्रांजैक्शन पूरा करना होगा

यह भी पढ़े- E20 पेट्रोल पर क्यों मचा है बवाल? जानिए इथेनॉल की कीमत और सरकार का पूरा गणित