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‘कॉकरोचों’ के सरदार अरविंद केजरीवाल के जंतर-मंतर पहुंचते ही बदला माहौल, बोले- ‘सोनम वांगचुक को बनाएं शिक्षा मंत्री’

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कॉकरोच आंदोलन में पहुंचे

CJP Protest: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। केजरीवाल ने मंच पर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की, उन्हें अपना समर्थन दिया और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को गले लगाकर आंदोलन के प्रति एकजुटता का संदेश दिया।

केजरीवाल ने क्या कहा?

सोनम वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक मामलों की जवाबदेही और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। यह आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में चल रहा है, जिसकी शुरुआत NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ हुई थी। जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सोनम वांगचुक अपने लिए नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का हर छात्र उम्मीद लेकर परीक्षा देने जाता है, लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक ने युवाओं का सिस्टम पर भरोसा तोड़ दिया है। यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है।

CJP Protest: सोनम वांगचुक को बनाइए शिक्षा मंत्री

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था को वास्तव में सुधारा जाना है तो देश को सोनम वांगचुक जैसे शिक्षा सुधारक की जरूरत है। उन्होंने कहा कि  धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। सभा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को मंच पर गले लगाया। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इसे आंदोलन के प्रति राजनीतिक समर्थन और विपक्षी एकजुटता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

सोनम वांगचुक की बिगड़ रही है तबीयत

भूख हड़ताल के 19वें दिन सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। आंदोलनकारियों के मुताबिक उनका वजन करीब 9 किलोग्राम कम हो चुका है और शरीर में काफी कमजोरी आ गई है। हालांकि उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।  सोनम वांगचुक की गिरती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली प्रशासन को निर्देश दिया है कि उनकी रोजाना मेडिकल जांच कराई जाए। अदालत ने कहा कि किसी भी नागरिक का जीवन अनमोल है और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। 

आपको बता दें कि फिलहाल, सोनम वांगचुक के आंदोलन को कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इससे पहले शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेता अतुल कुलकर्णी समेत कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाई थी। वहीं आने वाले दिनों में संसद मार्च की भी तैयारी की जा रही है।

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