UP News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में वर्ष 2011 में शराब के ठेके के पास हुए विवाद के बाद हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रुपाली सक्सेना की अदालत ने मामले में दोषी पाए गए राममिलन और राकेश राजभर को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही जुर्माने की राशि मृतक की पत्नी मंजू देवी को देने का आदेश दिया है।
शराब के ठेके के पास शुरू हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार, खेतासराय थाना क्षेत्र के कलापुर गांव निवासी रामदयाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर 2011 की रात करीब 10:30 बजे कलापुर स्थित शराब के ठेके के पास उनके पुत्र रामफेर और पड़ोसी राममिलन के बीच नशे की हालत में विवाद और मारपीट हुई। बीच-बचाव करने पहुंचे पन्नालाल के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद रामफेर अपने घर लौट आया।
UP News: घर में घुसकर किया हमला
एफआईआर के मुताबिक, कुछ देर बाद राममिलन, राकेश, प्रवीण और करिया रामफेर के घर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने घर में घुसकर रामफेर को बाहर खींच लिया और हॉकी तथा डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। जब रामफेर की पत्नी मंजू देवी बचाने पहुंचीं, तो आरोपियों ने उन्हें उठाकर गड्ढे में फेंक दिया। शोर सुनकर पहुंचे गांव के हरिहर और सेवालाल के साथ भी मारपीट की गई। गांव के अन्य लोगों के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल रामफेर को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य घायलों का उपचार कराया गया। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।
UP News: साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रुपाली सक्सेना की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया। अदालत ने राममिलन और राकेश राजभर को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और 31-31 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही आदेश दिया कि जुर्माने की राशि मृतक की पत्नी मंजू देवी को प्रदान की जाए।








