Delhi News: फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में आरोपी छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम की नियमित जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है। अदालत ने पुलिस को अपना पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी। शरजील इमाम ने ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। शरजील इमाम की ओर से दलील दी गई कि उनकी गिरफ्तारी को लगभग छह वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक मामले में आरोप तय नहीं किए गए हैं। बचाव पक्ष ने कहा कि मुकदमे में हो रही लंबी देरी नियमित जमानत पर विचार किए जाने का महत्वपूर्ण आधार है।

Delhi News: ट्रायल कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
याचिका में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट ने नियमित जमानत अर्जी पर स्वतंत्र रूप से विचार नहीं किया और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी। शरजील इमाम ने इसी आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब हाईकोर्ट दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले पर आगे फैसला करेगा।
यूएपीए के तहत दर्ज है मामला
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शरजील इमाम को 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) समेत विभिन्न धाराओं के तहत उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है। फरवरी 2020 में हुई हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिकाएं खारिज कर चुका है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर दोनों के खिलाफ यूएपीए के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। हालांकि, इसी मामले में कुछ अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है, क्योंकि अदालत ने उनकी भूमिका को अलग माना था।
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