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UCC बिल पास, पेपर लीक पर हंगामा; CM चैंबर के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक

 MP Assembly Session:
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MP Assembly Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक और पेपर लीक का मुद्दा पूरे दिन चर्चा में रहा। UCC पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जबकि पेपर लीक मामले पर चर्चा की अनुमति नहीं मिलने से कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री चैंबर के बाहर धरना दे दिया। दिनभर दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद सदन ने UCC विधेयक समेत कई अहम विधेयक पारित कर दिए।

MP Assembly Session: पेपर लीक पर चर्चा नहीं हुई तो CM चैंबर के बाहर धरना-

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा कांग्रेस ने विधानसभा में उठाया। चर्चा की अनुमति नहीं मिलने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।

MP Assembly Session: उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना-

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार ने यह कहकर चर्चा से इनकार कर दिया कि यह राज्य का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को विधानसभा में भी दबाया जा रहा है और सरकार युवाओं के मुद्दों से बच रही है।

हंगामे के बीच विधानसभा से UCC विधेयक पारित-

सरकार ने सदन में UCC विधेयक पेश किया, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया और इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। मांग खारिज होने पर विपक्ष ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में बहुमत के आधार पर विधेयक पारित कर दिया गया। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

UCC पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने-

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए UCC लेकर आई है। वहीं भाजपा नेताओं ने इसे महिलाओं के अधिकार, समानता और न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं को अधिक अधिकार मिलेंगे और कई कुप्रथाओं पर रोक लगेगी।

सदन से ये अहम विधेयक भी हुए पारित-

UCC के अलावा विधानसभा ने मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक-2026, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026, कार्यस्थल सशक्तिकरण (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक-2026 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस संशोधन विधेयक भी पारित किए।

नए फायर कानून में हर साल लेनी होगी NOC-

नए अग्निशमन कानून के तहत मल्टीस्टोरी इमारतों के लिए हर वर्ष फायर सेफ्टी एनओसी अनिवार्य होगी। फायर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।

श्रम शक्ति संहिता में गिग वर्कर्स को मिला स्थान-

नई श्रम शक्ति संहिता के तहत गिग वर्कर्स को कानूनी दायरे में लाया गया है। इसके साथ ही सप्ताह में चार दिन, 48 घंटे काम करने का विकल्प, कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और अन्य श्रम सुधारों का भी प्रावधान किया गया है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून में संशोधन-

उद्योगों को मंजूरी देने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस संशोधन विधेयक भी पारित किया गया। इसके तहत राज्य और जिला स्तर पर नोडल एजेंसियां बनाई जाएंगी और उद्योगों से जुड़े प्रस्तावों पर तय समय में निर्णय लिया जाएगा।

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