छात्रों के प्रदर्शन पर बोले CM योगी- ‘युवाओं का भविष्य खराब करने वालों की जगह सिर्फ जेल’; पेपर लीक पर दिया बड़ा संदेश

CM Yogi:

CM Yogi: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की जगह जेल की सलाखों के पीछे है। ‘9 लाख युवाओं को बिना सिफारिश … Read more

खरगे के बर्थडे लंच से निकला कांग्रेस का ‘सीक्रेट प्लान’, PM आवास की ओर बढ़े राहुल-प्रियंका; रास्ते में रोका गया

Rahul Gandhi:

Rahul Gandhi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 84वें जन्मदिन पर सोमवार को दिल्ली में एक अलग ही राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। दोपहर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे। शुरुआत में इसे जन्मदिन समारोह माना गया, लेकिन कुछ ही देर … Read more

क्या पैरों में सूजन हार्ट डिजीज का संकेत है? जानें डॉक्टर की राय

Leg Swelling:

Leg Swelling: लंबे समय तक चलने, अधिक देर तक बैठने या यात्रा के दौरान कई लोगों के पैरों में सूजन आ जाती है, जो आमतौर पर एक-दो दिन में ठीक हो जाती है। लेकिन यदि सूजन लगातार बनी रहे या समय के साथ बढ़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह कुछ मामलों में हार्ट से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकती है।

Leg Swelling: हार्ट फेलियर में क्यों आती है पैरों में सूजन-

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजशेखर के अनुसार, जब हृदय रक्त को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता, तो शरीर में खून का प्रवाह धीमा हो जाता है। इससे पैरों, टखनों और पंजों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिसे लेग एडीमा (Leg Edema) कहा जाता है। इसके साथ सांस फूलना, जल्दी थकान और अचानक वजन बढ़ना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

Leg Swelling: पैरों में सूजन के अन्य कारण भी हो सकते हैं-

विशेषज्ञों का कहना है कि पैरों की सूजन सिर्फ हार्ट डिजीज की वजह से नहीं होती। इसके पीछे ब्लड क्लॉट, लिवर की बीमारी, किडनी की समस्या, नसों की दिक्कत या लंबे समय तक खड़े रहने जैसी कई वजहें भी हो सकती हैं।

कैसे पता चलता है कि सूजन हार्ट से जुड़ी है-

डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार ईसीजी (ECG), इकोकार्डियोग्राम, चेस्ट एक्स-रे, ब्लड टेस्ट और नसों का अल्ट्रासाउंड जैसी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इन जांचों से सूजन के वास्तविक कारण का पता लगाया जाता है।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें-

पैरों या टखनों की सूजन लंबे समय तक बनी रहे।

केवल एक पैर में सूजन हो।

सूजन के साथ दर्द, लालिमा या गर्माहट महसूस हो।

सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द हो।

तेजी से वजन बढ़ने लगे।

त्वचा का रंग बदलने या घाव बनने जैसी समस्या दिखाई दे।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें-

यदि पैरों की सूजन लगातार बढ़ रही हो, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो या अनियमित धड़कन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है

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Thumb Sucking Habit:

Thumb Sucking Habit: जन्म के बाद कई बच्चे खुद को शांत रखने, नींद आने या सुरक्षा का एहसास पाने के लिए अंगूठा चूसते हैं। यह शुरुआती वर्षों में सामान्य माना जाता है और अधिकांश बच्चे दो से चार साल की उम्र तक यह आदत छोड़ देते हैं। हालांकि, यदि बच्चा चार से पांच साल की उम्र के बाद भी लगातार अंगूठा चूसता है, तो इसका असर दांतों और जबड़ों की ग्रोथ पर पड़ सकता है।

Thumb Sucking Habit: लगातार अंगूठा चूसने से क्या नुकसान होते हैं-

मैक्स मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के डॉ. केशव नैथानी के अनुसार, छह साल की उम्र तक भी अंगूठा चूसने की आदत रहने पर स्थायी दांतों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। लगातार दबाव पड़ने से दांत अपनी प्राकृतिक जगह से खिसक सकते हैं और जबड़ों की बनावट भी बदल सकती है।

Thumb Sucking Habit: दांतों और जबड़ों पर पड़ने वाले प्रमुख असर-

आगे के दांत बाहर की ओर निकल सकते हैं।

ऊपर और नीचे के दांतों के बीच गैप (ओपन बाइट) बन सकता है।

ऊपरी जबड़ा संकरा होकर क्रॉसबाइट जैसी समस्या हो सकती है।

दांतों की सही लाइनिंग बिगड़ सकती है।

चोट लगने पर बाहर निकले दांतों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है।

बोलने में भी हो सकती है परेशानी-

विशेषज्ञों के अनुसार, दांतों और तालू की बनावट बदलने से कुछ बच्चों को शब्दों का सही उच्चारण करने में कठिनाई हो सकती है। कुछ मामलों में तुतलाहट या स्पष्ट आवाज न निकलने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

अंगूठा चूसने की आदत कैसे छुड़ाएं-

डॉ. केशव नैथानी का कहना है कि बच्चों को डांटने या जबरदस्ती करने से बचें। इसके बजाय

प्यार से समझाएं कि यह आदत दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है।

बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करें।

उसे खेल, ड्राइंग और अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखें।

सोते समय सॉफ्ट टॉय या कंबल देकर सुरक्षा का एहसास दिलाएं।

आदत के पीछे की वजह, जैसे तनाव, डर या बोरियत को समझने की कोशिश करें।

कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह-

यदि बच्चा स्कूल जाने की उम्र तक भी अंगूठा चूसना नहीं छोड़ता या उसके दांतों और जबड़ों की बनावट में बदलाव दिखाई देने लगे, तो तुरंत दंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज से भविष्य में ब्रेसेस और अन्य महंगे ऑर्थोडॉन्टिक उपचार की जरूरत को काफी हद तक कम किया जा सकता है

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Aravali Committee:

Aravali Committee: सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित अरावली समिति ने अरावली पर्वत शृंखला की परिभाषा, सीमांकन और इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आम लोगों तथा संबंधित पक्षों से सुझाव और राय मांगी है। समिति अरावली के दायरे को स्पष्ट रूप से तय करने के लिए समीक्षा कर रही है।

Aravali Committee: केंद्र की रिपोर्ट की हो रही निष्पक्ष समीक्षा-

अरावली हिल रेंज की परिभाषा और सीमांकन को लेकर केंद्र सरकार ने एक रिपोर्ट तैयार की थी। इसी रिपोर्ट की निष्पक्ष समीक्षा के लिए 25 मई को उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था।

Aravali Committee: पर्यावरणविदों और स्थानीय समुदायों से भी मांगे सुझाव-

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, समिति ने एनसीआर की सरकारों, पर्यावरणविदों, खनन पट्टा धारकों, स्थानीय समुदायों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। ऐसे लोगों से भी राय मांगी गई है जिनकी आजीविका और जीवन अरावली की जैव विविधता से जुड़ा है।

21 दिनों के भीतर भेज सकते हैं राय-

समिति ने कहा है कि इच्छुक लोग सूचना जारी होने के 21 दिनों के भीतर ईमेल या आधिकारिक गूगल फॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं। सुझावों के साथ संबंधित दस्तावेज या प्रमाण भी संलग्न किए जा सकते हैं, ताकि उनकी सत्यता की जांच की जा सके।

समिति की निष्पक्षता पर उठे सवाल-

यह प्रक्रिया ऐसे समय शुरू हुई है जब समिति में पूर्व सरकारी अधिकारियों की अधिक भागीदारी को लेकर इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। समिति को अपनी अंतिम समीक्षा रिपोर्ट 31 अगस्त तक सौंपनी है

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 Cyber Crime:

Cyber Crime: देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने झारखंड के जामताड़ा और हरियाणा के मेवात समेत सात प्रमुख साइबर फ्रॉड हॉटस्पॉट में संयुक्त साइबर समन्वय टीम (JCCT) का गठन किया है।

Cyber Crime: इन शहरों में भी बनाई गई टीमें-

लोकसभा में गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने लिखित उत्तर में बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के तहत अहमदाबाद, हैदराबाद, चंडीगढ़, विशाखापत्तनम और गुवाहाटी में भी JCCT की स्थापना की गई है।

Cyber Crime: राज्यों के बीच बेहतर समन्वय होगा-

सरकार के अनुसार, इन टीमों का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि कई राज्यों में फैले साइबर अपराधों की प्रभावी जांच और कार्रवाई की जा सके।

‘समन्वय’ और ‘प्रतिबिंब’ प्लेटफॉर्म से मिलेगी मदद-

साइबर अपराधों की जांच को मजबूत करने के लिए I4C ने ‘समन्वय’ प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो साइबर अपराध से जुड़े डेटा के साझा उपयोग, विश्लेषण और प्रबंधन में मदद करता है। वहीं ‘प्रतिबिंब’ मॉड्यूल अपराधियों और उनके नेटवर्क की लोकेशन की पहचान कर जांच एजेंसियों को तकनीकी और कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है।

29 हजार से अधिक आरोपियों की हो चुकी गिरफ्तारी-

सरकार के मुताबिक, इन प्रणालियों की मदद से अब तक 29,837 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इसके अलावा 2.33 लाख से ज्यादा साइबर शिकायतों पर कार्रवाई की गई है। साइबर जांच को और मजबूत बनाने के लिए ‘सहयोग’ और ‘साइट्रेन’ जैसे प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं

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Rajasthan Crime:

Rajasthan Crime: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब के लिए पैसे नहीं मिलने पर एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की सरिये से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव के हाथ-पैर तोड़कर उसे एक संदूक में छिपा दिया। Rajasthan Crime: शराब के … Read more

JPSC और परीक्षा कराने वाली एजेंसी पर CID का बड़ा छापा, 6 अधिकारी-कर्मचारी हिरासत में

JPSC-JSSC Exam Scam:

JPSC-JSSC Exam Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और परीक्षाओं का संचालन करने वाली एजेंसी मेसर्स TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के खिलाफ मंगलवार शाम अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने JPSC कार्यालय समेत कई ठिकानों पर छापेमारी … Read more

बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को हर महीने मिलेंगे 1,500 रुपये, सरकार का बड़ा फैसला

 West Bengal Pension Hike:

West Bengal Pension Hike: सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन की मासिक राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने की घोषणा की है। इस संबंध में राज्य सचिवालय नवान्न की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

West Bengal Pension Hike: मुख्यमंत्री ने की घोषणा-

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने एक्स (X) हैंडल पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के जरूरतमंद लोगों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ सरकार को चुना है, उस विश्वास पर खरा उतरना सरकार का संकल्प है।

West Bengal Pension Hike: अगस्त से लागू होगी बढ़ी हुई पेंशन-

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी सरकारी आदेश के अनुसार, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) और राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण पेंशन योजनाओं के सभी पात्र लाभार्थियों को अब हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार के अनुसार, अगस्त 2026 से बढ़ी हुई पेंशन लागू होगी और 1 सितंबर 2026 से इसका भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा।

इन योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा फायदा-

बढ़ी हुई पेंशन का लाभ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के पात्र लाभार्थियों को मिलेगा। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को हर महीने अधिक आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।

बजट में किया गया अतिरिक्त प्रावधान-

राज्य सरकार ने बताया कि वित्त विभाग की मंजूरी के बाद इस फैसले को लागू किया गया है। वर्ष 2026-27 के बजट में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत अतिरिक्त खर्च का प्रावधान भी किया गया है।

जिलों और शहरी क्षेत्रों को दिए गए निर्देश-

सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, जिला पंचायत एवं ग्रामीण विकास अधिकारियों तथा संबंधित एजेंसियों को आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही राज्य शहरी विकास एजेंसी को भी शहरी क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों तक समय पर बढ़ी हुई पेंशन पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है

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बिहार विधानसभा में 7 नए विधेयक पास, दाखिल-खारिज के लिए अब लगेगा ₹200 शुल्क

Bihar Assembly News:

Bihar Assembly News: बिहार विधानसभा की मंगलवार को हुई कार्यवाही में सात महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इनमें बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 समेत अन्य विधेयक शामिल हैं। अब इन विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद कानून के रूप में लागू किया जाएगा।

Bihar Assembly News: दाखिल-खारिज के लिए देना होगा ₹200 शुल्क-

बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने के बाद अब राज्य में जमीन के दाखिल-खारिज के लिए ₹200 शुल्क देना होगा। विपक्ष ने इस शुल्क का विरोध करते हुए इसे गरीबों पर आर्थिक बोझ बताया।राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकार भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के करीब 30 हजार भूमिहीन लोगों को बासगीत पर्चा वितरित करेंगे।

Bihar Assembly News: जुआ कानून में ऑनलाइन बेटिंग पर भी कार्रवाई-

बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 को विधानसभा में सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि पुराने 1867 के कानून को खत्म कर नया कानून लाया गया है। नए कानून के तहत ऑफलाइन जुआघरों के साथ-साथ ऑनलाइन जुआ और बेटिंग वेबसाइट-ऐप पर भी कार्रवाई की जा सकेगी। जुआघर संचालकों, प्रबंधकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों पर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं।

दूसरे राज्यों के डॉक्टर और नर्स कर सकेंगे बिहार में प्रैक्टिस-

बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026 और बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 के लागू होने के बाद दूसरे राज्यों में पंजीकृत डॉक्टर और नर्स बिहार में स्व-प्रमाणन प्रमाणपत्र के आधार पर प्रैक्टिस कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पहले दूसरे राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर दोबारा बिहार में पंजीकरण कराना पड़ता था, लेकिन नए नियमों से प्रक्रिया आसान होगी।

GST संशोधन और चीनी उद्योग से जुड़े विधेयक भी पास-

उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक GST काउंसिल की सिफारिशों के आधार पर लाया गया है और जनता के हित में है। इसके अलावा बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी विधानसभा से मंजूरी मिली

विधानसभा में पास हुए सात विधेयक-

बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026

बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026

बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026

बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026

बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026

बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026

बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026

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