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अभिजीत दीपके को फोन पर मिली धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर, जाने और कौन-कौन सी मांगे रखी

अभिजीत दीपके को फोन पर मिली धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर, जाने और कौन-कौन सी मांगे रखी

Dharmendra Pradhan Resigned: धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है और इसी नैतिक जिम्मेदारी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।

Dharmendra Pradhan Resigned: अभिजीत दीपके ने रखी छात्रों की 2 बड़ी मांगे

छात्र नेता अभिजीत दीपके ने आंदोलन के दौरान सरकार के सामने 2 मुख्य मांगे रखी थीं। पहली मांग थी कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार या FIR में नामजद सभी छात्रों पर से सभी केस तुरंत वापस लिए जाएं। दूसरी मांग थी कि NEET विवाद और तनाव के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को सरकार 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे। अभिजीत दीपके के अनुसार इन्हीं मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी था।

Dharmendra Pradhan Resigned: 3 मई की NEET परीक्षा के बाद बढ़ा बवाल

3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आते ही पूरे देश में विरोध शुरू हो गया था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी था। सरकार ने आनन-फानन में मामले की जांच CBI को सौंपी, परीक्षा को रद्द करके दोबारा कराने का फैसला लिया और साथ ही घोषणा की कि अगले साल से NEET परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित CBT मोड में आयोजित की जाएगी।

अब किसके हाथ में होगी शिक्षा मंत्रालय की कमान

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब देश का अगला शिक्षा मंत्री कौन होगा। सूत्रों के अनुसार बीजेपी के पास शिक्षा और प्रशासन का अनुभव रखने वाले कई वरिष्ठ नेता हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट में जल्द फेरबदल कर नए शिक्षा मंत्री की घोषणा की जाएगी। फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

सरकार का फोकस अब पारदर्शिता परइस्तीफे से पहले ही सरकार ने संकेत दे दिए थे कि आने वाले समय में NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए बड़े बदलाव किए जाएंगे। CBT मोड लागू करने के अलावा परीक्षा केंद्रों की मॉनिटरिंग और पेपर लीक रोकने के लिए नई तकनीक अपनाने की तैयारी है।NEET विवाद ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जहां एक तरफ नैतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों को उम्मीद है कि नया नेतृत्व शिक्षा व्यवस्था में भरोसा वापस लाएगा और अभिजीत दीपके द्वारा रखी गई मांगों पर भी सरकार जल्द फैसला लेगी।

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