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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की 72 घंटे की इनसाइड स्टोरी ! सीक्रेट मीटिंग, RSS की सलाह और कैसे बदला पूरा समीकरण जानिए विस्तार से…

PM AND RSS MEETING: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर पिछले तीन दिनों में तेजी से राजनीतिक घटनाक्रम बदला। छात्र आंदोलन, विपक्ष के बढ़ते दबाव  और देर रात फिर RSS और BJP की एक मीटिंग हुई और कुर्सी डगमगाने लगी। शाह अब भी साथ थे, लेकिन प्रधानमंत्री का सपोर्ट हट चुका था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सक्रियता और सरकार की रणनीतिक बैठकों के बाद आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ दिया।इस पूरे घटनाक्रम में कई अहम मोड़ आए, जिन्होंने सरकार के फैसले को प्रभावित किया।

22 जुलाई तक इस्तीफे का कोई संकेत नहीं

22 जुलाई की रात तक सरकार का रुख स्पष्ट था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का समर्थन उनके साथ बताया जा रहा था। लेकिन उसी रात शीर्ष स्तर पर हुई एक अहम बैठक के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलने लगीं।

PM AND RSS MEETING: RSS की बैठक बनी टर्निंग पॉइंट

सूत्रों के अनुसार, आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और कृष्ण गोपाल के साथ दो और पदाधिकारी मौजूद थे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत सरकार के शीर्ष नेताओं के बीच एक गोपनीय बैठक हुई। बैठक में छात्र आंदोलन के विस्तार और आगामी चुनावी राज्यों पर उसके संभावित प्रभाव पर चर्चा की गई। बताया जाता है कि संघ की ओर से सुझाव दिया गया कि आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए सरकार को स्थिति का राजनीतिक और सामाजिक आकलन करना चाहिए तथा यदि आंदोलन नहीं थमता है तो शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार किया जाए।

युवाओं से सीधे संवाद की रणनीति

बैठक के बाद सरकार ने युवाओं तक सीधे पहुंचने की रणनीति बनाई। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से पेपर लीक मुद्दे पर वीडियो संदेश जारी किया। संदेश में परीक्षा सुधार, फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून का आश्वासन दिया गया।

PM AND RSS MEETING: आंदोलन कमजोर करने की कोशिश

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, सरकार ने आंदोलन की तीव्रता कम करने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए। इनमें विभिन्न पक्षों से संवाद, आंदोलनकारी समूहों से बातचीत और छात्र संगठनों के माध्यम से माहौल शांत करने की कोशिश शामिल थी। इसी दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया, जबकि जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहा।

PM AND RSS MEETING
                                                              PM AND RSS MEETING
जब दबाव बढ़ा, तब बदला फैसला

छात्र प्रदर्शन दिल्ली से बाहर कई राज्यों तक फैलने लगे। विपक्ष ने भी संसद के भीतर और बाहर सरकार पर दबाव बढ़ाया। इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने और राजनीतिक नुकसान से बचने की सलाह दिए जाने की चर्चा सामने आई। इसके बाद सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

PM AND RSS MEETING: तय हुआ PM मोदी तुरंत रात में ही जेन जी के अंदाज में बात करें

सोर्स ने बताया इसी मीटिंग में तय हुआ कि PM मोदी तुरंत यानी रात में ही जेन जी के सबसे फेवरेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बात करेंगे। भाषा भी ऐसी हो जो जेन जी तक पहुंचे। ये तक तय हुआ कि PM निश्चिंत न दिखें। चेहरे पर चिंता और आंखों में नींद दिखे, ताकि मैसेज जाए कि वे स्टूडेंट्स की फिक्र में सोए नहीं। ऐसा इंस्टाग्राम की पोस्ट में झलका भी।

PM AND RSS MEETING
                                       PM AND RSS MEETING
 सरकार का अगला कदम

इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की प्रक्रिया तेज कर दी। प्रस्तावित विधेयक में फास्ट ट्रैक कोर्ट, कठोर दंड और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

PM AND RSS MEETING: अब आगे क्या?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार की कोशिश परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने की है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे के बाद अन्य राजनीतिक विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में संसद में एंटी पेपर लीक कानून और उससे जुड़ी बहस राजनीतिक एजेंडे का केंद्र रहने की संभावना है।

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