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पेपर लीक बिल पर कल 8 घंटे बहस, राहुल-प्रियंका भी बोलेंगे

Paper Leak: पेपर लीक बिल पर सदन में कल 8 घंटे होगी बहस

Paper Leak: संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध अब खत्म होता नजर आ रहा है। मंगलवार, 28 जुलाई को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रीवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल 2026 पर करीब 8 घंटे तक चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सभी दलों के फ्लोर लीडर्स ने लंबी बहस के लिए सहमति जताई है। इस दौरान विपक्ष की ओर से राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा के भी सदन में बोलने की संभावना है।

स्पीकर की पहल पर बनी सहमति

मानसून सत्र की शुरुआत से ही पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा था। कई बार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के बाद सभी दलों के बीच चर्चा को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई है। इससे सदन में सामान्य माहौल बनाने की उम्मीद है।

Paper Leak: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी रख सकती हैं पक्ष

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इस बहस में पूरी तरह शामिल होगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पेपर लीक संशोधन बिल पर अपनी बात रखेंगे। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा के भी सदन में बोलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, विपक्ष की अंतिम रणनीति और वक्ताओं की सूची मंगलवार सुबह फ्लोर लीडर्स की बैठक में तय होने की बात कही गई है।

पेपर लीक रोकने के लिए सख्त प्रावधान

पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों को लेकर सरकार इस कानून को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित संशोधन में अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए जाने की बात कही गई है। इसमें सजा बढ़ाने, संबंधित एजेंसियों को अधिक अधिकार देने और मामलों में तेजी से कार्रवाई जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं।

Paper Leak: सरकार और विपक्ष के अलग-अलग तर्क

सरकार का कहना है कि संशोधन बिल प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, विपक्ष कानून को और मजबूत बनाने की मांग कर रहा है। 8 घंटे की बहस में दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पर्याप्त समय मिलेगा। सरकार जहां बिल के प्रावधानों पर अपना पक्ष रखेगी, वहीं विपक्ष पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा सकता है। माना जा रहा है कि इस चर्चा से संसद में लंबे समय से जारी गतिरोध को कम करने में मदद मिल सकती है।

 

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