AK-47 firing Bihar: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), पेपर लीक विवाद और बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान कथित AK-47 फायरिंग को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
AK-47 फायरिंग पर सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर AK-47 का इस्तेमाल गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने कार्रवाई की थी और अब भाजपा इस घटना से इनकार कर रही है, तो सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है।
AK-47 firing Bihar: NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल
इमरान मसूद ने NTA पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एजेंसी की त्रुटियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने एक छात्रा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि मूल्यांकन में हुई गलती के कारण उसके 16 अंक कम हो गए, जिससे वह सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश से वंचित रह गई।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि विपक्ष छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। उनका आरोप है कि पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई फैसलों ने छात्रों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून के साथ जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
AK-47 firing Bihar: मामले वापस लेने का स्वागत, कार्रवाई पर सवाल
राकेश सिन्हा ने बिहार में छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि छात्रों पर बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज करना और कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल की अनुमति देना उचित नहीं था।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि उनके इस्तीफे के पत्र में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे का उल्लेख तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले में जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।
ये भी पढ़े… 1 अगस्त से Tatkal टिकट बुकिंग का नया सिस्टम! रेलवे ने बदले नियम, जानिए क्या होगा बदलाव








