New Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन के दौरान खाने-पीने की चीजें बांटने को लेकर चर्चा में आए वॉलंटियर जुनैद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने और परेशान करने के आरोप लगाए हैं।
अस्पताल से लौटते वक्त उठा लिया!
जुनैद मलिक ने याचिका में कहा है कि 24 जुलाई की आधी रात को जब वह आरएमएल अस्पताल से एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाकर लौट रहे थे, तो तभी दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें उठा लिया और लगभग पांच-छह घंटे तक एक गाड़ी में बिठाए रखा। इस दौरान उन्हें डराया-धमकाया गया।
New Delhi: मोबाइल छीनने का आरोप
जुनैद ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने जबरदस्ती उनका मोबाइल फोन छीन लिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें फोन अनलॉक करने पर मजबूर करके उसकी जांच की। इसके बाद पूछा गया कि उन्हें कहां से फंडिंगहो रही है।वे खाने-पीने की जो चीजें ला रहे हैं, उनके लिए कौन पैसे दे रहा है? जुनैद के अनुसार 5-6 घंटे के सफर के बाद उन्हें देहरादून रोड पर एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया। इसके बाद वे देहरादून से कैब लेकर दिल्ली वापस आए।
New Delhi: गाजियाबाद निवासी हैं जुनैद
बताया जाता है कि जुनैद एलएलबी पास हैं और न्यायिक सेवा की तैयारी कर रहे हैं। वे गाजियाबाद के नाहल गांव के रहने वाले निवासी हैं। वे जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर चर्चा में आए थे।
New Delhi: प्रशांत भूषण ने उठाया जुनैद का मामला
सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान हुए लाठीचार्ज पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भोजन बांटने वाले जुनैद मलिक का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जुनैद मलिक को हिरासत में लेकर मसूरी ले गई और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।








