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60 के बाद सेहत से समझौता नहीं: माता-पिता के लिए ये 10 जरूरी हेल्थ चेकअप आज ही शेड्यूल करें

60 के बाद जरूरी हेल्थ चेकअप की पूरी लिस्ट

Senior Health Checkup: उम्र 60 पार होते ही शरीर धीरे-धीरे सिग्नल देने लगता है। थकान, कमजोरी या छोटी-मोटी दिक्कतें अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। लेकिन डॉक्टर्स कहते हैं, यही वो उम्र है जब नियमित हेल्थ चेकअप सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है।अगर आपके माता-पिता भी 60 की उम्र पार कर चुके हैं, तो उनकी केयर सिर्फ दवाओं तक सीमित न रखें। साल में 1 से 2 बार कुछ खास टेस्ट करवाने से बड़ी बीमारियों को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है।

क्यों जरूरी है समय पर जांच

बढ़ती उम्र के साथ ब्लड प्रेशर, शुगर, दिल और हड्डियों की समस्याएं आम हो जाती हैं। अच्छी बात ये है कि अगर ये शुरुआती स्टेज में पकड़ में आ जाएं, तो इन्हें कंट्रोल करना आसान हो जाता है। इसलिए इंतजार न करें कि लक्षण दिखें, तब टेस्ट कराएंगे।

60+ के लिए 10 जरूरी मेडिकल टेस्ट
ब्लड प्रेशर जांच

हाई बीपी को साइलेंट किलर कहा जाता है। इसके लक्षण देर से दिखते हैं, लेकिन ये दिल, दिमाग और किडनी पर सीधा असर करता है। महीने में 1 बार घर पर और 3 महीने में एक बार क्लिनिक में जरूर चेक कराएं।

शुगर प्रोफाइल

फास्टिंग शुगर, खाने के बाद शुगर और HbA1c टेस्ट से पता चलता है कि डायबिटीज का रिस्क कितना है। समय पर पता चलने से आंख, किडनी और दिल की परेशानियों से बचा जा सकता है।

लिपिड प्रोफाइल यानी कोलेस्ट्रॉल टेस्ट

बैड कोलेस्ट्रॉल नसों में जमकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। HDL, LDL और टोटल कोलेस्ट्रॉल की साल में एक बार जांच करवाना फायदेमंद रहता है।

पूरा हार्ट चेकअप

ECG और इकोकार्डियोग्राम से दिल की धड़कन और पंपिंग की स्थिति साफ होती है। अगर सीने में दर्द, सांस फूलना या जल्दी थकान हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

आंखों की जांच

मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना की समस्याएं 60 के बाद आम हैं। कई बार ये बिना लक्षण के बढ़ती हैं। साल में एक बार आई स्पेशलिस्ट से आंखें दिखाना जरूरी है।

हड्डियों की मजबूती का टेस्ट

DEXA स्कैन से बोन डेंसिटी का पता चलता है। खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद ऑस्टियोपोरोसिस का रिस्क बढ़ता है। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर कैल्शियम और विटामिन D की सलाह देते हैं।

किडनी फंक्शन टेस्ट

क्रिएटिनिन और यूरिन टेस्ट से पता चलता है कि किडनी कितनी सही तरीके से काम कर रही है। डायबिटीज और हाई बीपी वाले बुजुर्गों के लिए ये टेस्ट और भी अहम है।

लिवर फंक्शन टेस्ट

LFT से लिवर की हेल्थ चेक होती है। लंबे समय तक दवा लेने वाले लोगों को ये जांच जरूर करानी चाहिए।

कैंसर स्क्रीनिंग

उम्र के साथ कुछ कैंसर का खतरा बढ़ता है। फैमिली हिस्ट्री और लिंग के अनुसार डॉक्टर से पूछकर जरूरी स्क्रीनिंग करवाएं। शुरुआती स्टेज में पकड़ में आने पर इलाज आसान हो जाता है।

विटामिन D और B12 लेवल

इनकी कमी से कमजोरी, जोड़ों में दर्द, थकान और याददाश्त की दिक्कत हो सकती है। सिंपल ब्लड टेस्ट से कमी का पता चल जाता है और सप्लीमेंट से इसे ठीक किया जा सकता है।

डॉक्टर क्या कहते हैं

एक्सपर्ट्स की राय है कि 60 के बाद हेल्थ को रूटीन का हिस्सा बना लें। एक बार फुल बॉडी चेकअप कराएं और फिर हर 6 महीने में जरूरी टेस्ट दोहराते रहें। इससे न सिर्फ बीमारी समय पर पकड़ी जाएगी, बल्कि माता-पिता की लाइफ क्वालिटी भी बेहतर रहेगी।आपकी थोड़ी सी जागरूकता, उनके लिए लंबी और स्वस्थ उम्र की गारंटी बन सकती है।

Written by – Mansi Sharma

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