Sankashti Chaturthi: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ से पहले पंचांग देखकर सही समय का चयन किया जाता है। पंचांग सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार की जाने वाली हिंदू काल-गणना प्रणाली है, जो शुभ और अशुभ समय की जानकारी देती है।2 अगस्त 2026, रविवार को श्रावण (सावन) मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। यह तिथि रात 11:15 बजे तक रहेगी, जिसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी।धार्मिक मान्यता के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने और भगवान गणेश की पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से जीवन की परेशानियां, बाधाएं और संकट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:01 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:04 बजे
- चंद्रोदय: रात 9:26 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 9:58 बजे
आज के नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति
पंचांग के अनुसार, 2 अगस्त को सूर्य रात 9:37 बजे तक पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद सूर्य उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।वहीं, चंद्रमा रात 9:36 बजे तक पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र शुरू हो जाएगा।
आज का शुभ योग और शुभ मुहूर्त
रविवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि पूरे दिन अतिगण्ड योग का प्रभाव रहेगा।दिन का सबसे शुभ समय यानी अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल दोपहर 1:09 बजे से 2:58 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य करना लाभदायक माना जाता है।
राहुकाल और अन्य अशुभ समय
रविवार को नए कार्य शुरू करने से पहले अशुभ समय का ध्यान रखना चाहिए।
- राहुकाल: शाम 5:26 बजे से 7:04 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 3:48 बजे से शाम 5:26 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 12:33 बजे से 2:10 बजे तक
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
राशि और दिशाशूल
आज सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा।रविवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश यात्रा करना आवश्यक हो, तो पारंपरिक ज्योतिषीय उपाय अपनाकर यात्रा शुरू करने की सलाह दी जाती है।
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