Home » अंतर्राष्ट्रीय » ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी! बड़ी कार्रवाई की तो अंजाम होगा बेहद खतरनाक

ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी! बड़ी कार्रवाई की तो अंजाम होगा बेहद खतरनाक

Iran Israel Conflict: ईरान ने अमेरिका और इजरायल को किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान के खिलाफ कोई बड़ा हमला किया गया तो इसके जिम्मेदार लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह बात पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर, तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ अलग-अलग फोन पर हुई बातचीत में कही।

ईरान बोला- राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार

मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, अराघची ने पाकिस्तान और तुर्किए के नेताओं से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य हमले का जवाब पूरी ताकत और सख्ती के साथ दिया जाएगा।

Iran Israel Conflict: सऊदी अरब से बातचीत में अमेरिका और इजरायल को चेतावनी

सऊदी विदेश मंत्री के साथ बातचीत में अराघची ने कहा कि यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई शत्रुतापूर्ण कार्रवाई होती है या किसी क्षेत्रीय देश का इसमें सहयोग मिलता है, तो ईरानी सशस्त्र बल उसी स्तर पर कड़ा जवाब देंगे। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अमेरिका पर शांति समझौता तोड़ने का आरोप

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर जून में हुए शांति समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर हमले जारी रखे, ईरानी बंदरगाहों और व्यावसायिक जहाजों की गतिविधियों में बाधा डाली तथा आर्थिक दबाव भी बढ़ाया।

Iran Israel Conflict: ईरान ने कहा- अवैध हमलों का करेंगे डटकर सामना

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ईरान अमेरिका के कथित गैर-कानूनी हमलों का विरोध जारी रखेगा और अपनी संप्रभुता, सम्मान तथा स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। हाल ही में दोनों देशों के बीच हमले रोकने पर सहमति बनी थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद तनाव फिर बढ़ गया।

अमेरिका ने पहले भी किए थे ईरानी ठिकानों पर हमले

हमले रुकने से पहले अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर कई बार कार्रवाई की थी। अमेरिकी पक्ष का दावा था कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर कथित ईरानी हमलों के जवाब में किए गए थे। अमेरिका का कहना था कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखना और ईरान की हमले की क्षमता को सीमित करना था।

Iran Israel Conflict: ब्रिटेन को भी दी थी सैन्य सहयोग से दूर रहने की सलाह

इससे पहले ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिटेन को भी चेतावनी दी थी। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से फोन पर बातचीत में अराघची ने कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में सहयोग या रक्षा समझौतों के नाम पर समर्थन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ये भी पढ़े… आईपीएल के बाद अब रजत की नजर दिलीप ट्रॉफी पर