Pappu Yadav: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद सांसद ने जहां हत्या की साजिश और चाकू से हमले की कोशिश का आरोप लगाया था, वहीं अब मामले के आरोपी हैप्पी शर्मा सामने आए हैं। उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि वह निहत्थे थे और केवल साधु-संतों तथा भगवान राम के कथित अपमान को लेकर सवाल पूछने पहुंचे थे। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के दावों ने मामले को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।
साधु-संतों के समर्थन में पहुंचे थे, हमला करने नहीं
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के नैथला गांव निवासी हैप्पी शर्मा ने कहा कि वह अपने साथी सुमित गिरी गोस्वामी के साथ साधु-संतों के समर्थन में दिल्ली पहुंचे थे। उनके अनुसार, मीडिया और सोशल मीडिया पर सांसद पप्पू यादव द्वारा साधुओं, भगवा वस्त्र और भगवान राम को लेकर की गई कथित टिप्पणियों की खबरें देखने के बाद उन्होंने सीधे सांसद से सवाल पूछने का फैसला किया। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य विरोध दर्ज कराना था, न कि किसी तरह का विवाद या हिंसा करना।
Pappu Yadav: सुरक्षा जांच के बाद ही परिसर में पहुंचे
हैप्पी शर्मा ने बताया कि वह पूरी सुरक्षा जांच के बाद ही पप्पू यादव के आवास में दाखिल हुए थे। उनके अनुसार, उनके पास केवल मोबाइल फोन, कुछ पैसे और कार की चाबी थी। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास कोई हथियार होता तो सुरक्षा जांच के दौरान ही वह पकड़ा जाता। उनका दावा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने केवल यह कहा कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
मारपीट के बाद चप्पल फेंकने का दावा
आरोपी का कहना है कि सवाल पूछते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और पप्पू यादव के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ ने उनके साथ मारपीट की, जिसके बाद आत्मरक्षा में उन्होंने चप्पल फेंकी। हैप्पी शर्मा ने यह भी दावा किया कि वह किसी तरह वहां से निकल गए, लेकिन उनके साथी सुमित गिरी को समर्थकों ने पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
Pappu Yadav: चाकू मिलने के दावे पर उठाए सवाल
हैप्पी शर्मा ने चाकू बरामद होने के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि दिखाया गया चाकू उनका नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को सनसनीखेज बनाने के लिए यह कहानी गढ़ी गई। उन्होंने कहा कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे और जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भी साधु-संतों, भगवा या भगवान राम के सम्मान से जुड़ा कोई मुद्दा सामने आएगा, तो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।








