Kainchi Dham Ropeway: उत्तराखंड में नैनीताल और कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए कनेक्टिविटी का एक नया विकल्प तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। काठगोदाम से नैनीताल और कैंची धाम को रोपवे नेटवर्क से जोड़ने की प्रस्तावित योजना को गति देने के लिए हल्द्वानी में उच्चस्तरीय बैठक हुई। मौजूदा प्रस्ताव के मुताबिक करीब 14.9 किलोमीटर लंबे इस रोपवे में 58 टावर और 5 स्टेशन होंगे। खास बात यह है कि काठगोदाम रेलवे स्टेशन से रोपवे स्टेशन तक यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए करीब 250 मीटर लंबे फुट ओवरब्रिज पर भी चर्चा हुई है।
काठगोदाम से शुरू होगा सफर, पांच स्टेशन प्रस्तावित
प्रस्तावित रोपवे नेटवर्क में काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी को स्टेशन के तौर पर शामिल किया गया है। इस तरह रोपवे काठगोदाम क्षेत्र से पहाड़ी इलाकों की ओर जाने वाले यात्रियों को नैनीताल क्षेत्र से जोड़ने का विकल्प देगा। परियोजना की प्रस्तावित लंबाई करीब 14.9 किलोमीटर है और इसके लिए लगभग 58 टावर बनाए जाने की योजना है।
Kainchi Dham Ropeway: ट्रेन से उतरते ही रोपवे तक पहुंचने का प्लान
इस परियोजना की खास कड़ी काठगोदाम रेलवे स्टेशन और रोपवे स्टेशन के बीच कनेक्टिविटी है। बैठक में काठगोदाम रेलवे स्टेशन से रोडवेज परिसर तक करीब 250 मीटर लंबे फुट ओवरब्रिज के निर्माण पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य यात्रियों को सड़क यातायात के बीच से गुजरे बिना स्टेशन क्षेत्र से आगे जाने की सुविधा देना है। साथ ही काठगोदाम और आसपास पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। यानी बाहर से ट्रेन के जरिए काठगोदाम पहुंचने वाले यात्रियों के लिए आगे का सफर एकीकृत तरीके से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मिलेगा विकल्प
योजना में काठगोदाम और ज्योलीकोट को कैंची धाम से जोड़ने की बात भी सामने आई है। कैंची धाम देशभर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और काठगोदाम इसका प्रमुख रेल संपर्क बिंदु है। उपलब्ध यात्रा सूचनाओं के मुताबिक काठगोदाम से कैंची धाम तक सड़क मार्ग से दूरी करीब 35-38 किलोमीटर के आसपास है और सड़क यात्रा में ट्रैफिक तथा पहाड़ी मार्ग की स्थिति के हिसाब से समय बदल सकता है।
Kainchi Dham Ropeway: 18 हजार यात्रियों की क्षमता, किराया ₹375 प्रस्तावित
परियोजना से जुड़े अधिकारी के हवाले से TV9 की रिपोर्ट में बताया गया है कि रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक एक तरफ का किराया करीब 375 रुपये प्रति व्यक्ति प्रस्तावित किया गया है। प्रस्तावित क्षमता करीब 18 हजार यात्रियों प्रति घंटे की बताई गई है। हालांकि इसे अंतिम किराया या अंतिम परिचालन क्षमता नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले तकनीकी और अन्य जरूरी अध्ययन किए जाने हैं।
पहाड़ी इलाके की तकनीकी जांच के बाद आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट
नैनीताल-काठगोदाम क्षेत्र का भूगोल पहाड़ी है, इसलिए रोपवे निर्माण से पहले जमीन, ढलान, टावरों की स्थिति और दूसरे तकनीकी पहलुओं का अध्ययन महत्वपूर्ण होगा। इसी वजह से मौजूदा आंकड़ों को प्रस्ताव के तौर पर देखना जरूरी है। 2025 में भी नैनीताल और कैंची धाम को रोपवे से जोड़ने की योजना पर चर्चा सामने आई थी, लेकिन उस समय रूट की लंबाई को लेकर अलग आंकड़े रिपोर्ट हुए थे। फिलहाल सितंबर 2026 की बैठक के बाद परियोजना की प्रक्रिया को गति देने पर जोर है। यदि मौजूदा प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो काठगोदाम रेलवे स्टेशन से पहाड़ी पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच के लिए रोपवे एक नया परिवहन विकल्प बन सकता है। हालांकि इसके निर्माण, समयसीमा और अंतिम किराये से जुड़ी जानकारी परियोजना के अगले तकनीकी और प्रशासनिक चरणों के बाद ही स्पष्ट होगी।









