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परिसीमन विधेयक पर सरकार की तैयारी तेज, 16 अगस्त से संसद का विशेष सत्र संभव

Lok Sabha

Lok Sabha: केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक-2026 और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र समाप्त होने के बाद भी संसद का सत्रावसान नहीं किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर कम समय में विशेष सत्र बुलाया जा सके। यदि सरकार दोनों सदनों में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने में सफल रहती है, तो 16 से 18 अगस्त के बीच तीन दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जा सकता है। इस प्रस्तावित विधेयक के लागू होने पर लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर लगभग 850 तक पहुंच सकती हैं।

विशेष सत्र पर सरकार का फोकस, विपक्ष से भी संपर्क

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सामने भी विशेष सत्र का प्रस्ताव रखा है। सरकार चाहती है कि परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयकों पर व्यापक चर्चा के बाद उन्हें संसद से पारित कराया जाए। कांग्रेस ने इस प्रस्ताव पर तत्काल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और कहा है कि वह पहले पार्टी नेतृत्व तथा अन्य विपक्षी दलों से चर्चा करने के बाद अपना रुख स्पष्ट करेगी।

Lok Sabha: क्या है परिसीमन विधेयक-2026?

परिसीमन विधेयक-2026 के तहत एक नए परिसीमन आयोग के गठन का प्रस्ताव है। यह आयोग नवीनतम जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलने वाली सीटों का नया बंटवारा भी करेगा। सरकार का मानना है कि वर्तमान सीटों का वितरण अभी भी 1971 की जनगणना पर आधारित है, जबकि देश की आबादी और जनसांख्यिकीय स्थिति में बड़ा बदलाव आ चुका है। नए परिसीमन के बाद महिला आरक्षण लागू करने और आरक्षित सीटों के रोटेशन का रास्ता भी साफ हो सकता है।

विधेयक पास होने पर क्या होंगे बड़े बदलाव?

यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो संविधान के संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। इसके बाद नवीनतम जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों का पुनर्निर्धारण होगा। प्रस्ताव के अनुसार, लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों की संख्या बढ़कर 815 तक हो सकती है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटों का प्रावधान किया जा सकता है। इस तरह लोकसभा की कुल सदस्य संख्या लगभग 850 तक पहुंचने की संभावना है। इसका उद्देश्य बढ़ती आबादी के अनुरूप बेहतर और संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।

Lok Sabha: देश में आखिरी बार कब हुआ था परिसीमन?

भारत में लोकसभा की शुरुआत 489 सीटों के साथ हुई थी। वर्ष 1963 में 1961 की जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या बढ़ाकर 522 की गई, जबकि 1973 में 1971 की जनगणना के आधार पर यह संख्या 543 हो गई। इसके बाद सीटों के पुनर्बंटवारे पर रोक लगा दी गई, जिसे बाद में संविधान संशोधन के जरिए वर्ष 2026 तक बढ़ा दिया गया। वर्ष 2002 में परिसीमन आयोग ने निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव तो किया, लेकिन लोकसभा सीटों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं की गई। अब सरकार नए परिसीमन के जरिए प्रतिनिधित्व की मौजूदा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने की तैयारी कर रही है।

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