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पीएम मोदी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के नायकों को किया याद, बोले- उनका साहस हमेशा प्रेरणा देगा

Quit India Movement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ पर स्वतंत्रता संग्राम के उन सभी नायकों और सेनानियों को याद किया, जिन्होंने देश को अंग्रेजी शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों का साहस और त्याग हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुए ‘भारत छोड़ो’ के आह्वान ने स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा पैदा की थी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए भारतीयों के अटूट संकल्प को प्रदर्शित किया।

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में शामिल सभी लोगों को याद करना राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। उनके साहस ने देश के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और लाखों भारतीयों को आजादी के संघर्ष में एकजुट किया।

Quit India Movement: ओम बिरला ने कहा- ‘करो या मरो’ बना साहस और संकल्प की आवाज

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का ‘करो या मरो’ का आह्वान उस दौर में करोड़ों भारतीयों के लिए साहस और संकल्प की आवाज बन गया था। बिरला ने कहा कि असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल यातनाएं सहीं और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका संघर्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, बल्कि सत्य, अहिंसा, लोकतंत्र और समानता जैसे मूल्यों पर आधारित भारत के निर्माण का सपना भी था।

जेपी नड्डा ने बताया स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक अध्याय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को देश के स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि अगस्त 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुई ‘अगस्त क्रांति’ ने देशभर में नई चेतना पैदा की और लोगों को स्वतंत्रता के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी। नड्डा ने कहा कि इस आंदोलन का इतिहास असंख्य गुमनाम योद्धाओं के साहस, त्याग और बलिदान से समृद्ध है। उन्होंने महात्मा गांधी और सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।

Quit India Movement: क्या था भारत छोड़ो आंदोलन?

‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत अगस्त 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुई थी। इसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे महत्वपूर्ण आंदोलनों में गिना जाता है। गांधीजी ने इस आंदोलन के दौरान अंग्रेजी शासन के खिलाफ ‘करो या मरो’ का आह्वान किया था। आंदोलन का उद्देश्य भारत से ब्रिटिश शासन की समाप्ति और देश को स्वतंत्र कराना था। इस आंदोलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। ब्रिटिश सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए व्यापक गिरफ्तारियां कीं, लेकिन इसके बावजूद स्वतंत्रता की मांग और तेज होती गई।

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