Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को राज्य में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की देखरेख में हुए 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की भी मांग की।
Mamata Banerjee: चुनाव आयोग और BJP की मिलीभगत का आरोप-
बुधवार को समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान इलेक्शन कमीशन और BJP ने मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
Mamata Banerjee: SIR प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल-
बनर्जी ने SIR प्रक्रिया की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से उनकी नजर में सत्ताधारी BJP को फायदा हुआ। उन्होंने न सिर्फ पश्चिम बंगाल, बल्कि उन अन्य राज्यों में भी दोबारा मतदान की मांग की, जहां ज्ञानेश कुमार ने चुनाव और वोटर लिस्ट रिवीजन की देखरेख की थी।
SIR विवाद बना बड़ा मुद्दा-
पश्चिम बंगाल के 2026 के चुनाव में वोटर लिस्ट में बदलाव का पैमाना एक बड़ा मुद्दा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव और 2026 के विधानसभा चुनावों के बीच करीब 79 लाख नाम हटाए गए थे। चुनाव आयोग ने कहा कि इस कवायद का उद्देश्य डुप्लिकेट, मृत और बिना दस्तावेज वाली एंट्रीज को हटाना था।
BJP ने 207 सीटों पर दर्ज की जीत-
बंगाल चुनाव के अंतिम नतीजों में 294 विधानसभा क्षेत्रों में से 207 में BJP की जीत हुई, जबकि TMC ने 80 सीटें जीतीं। चुनाव आयोग के नतीजों वाले पेज पर 293 निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे दिए गए हैं, जबकि एक निर्वाचन क्षेत्र में अलग से दोबारा मतदान कराया गया।
SIR से हार जोड़कर देख रहीं ममता-
ममता बनर्जी ने TMC की हार को SIR प्रक्रिया से जोड़ते हुए चुनाव आयोग पर BJP को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर विरोध जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों से संवैधानिक और न्यायिक तरीकों से इस मुद्दे को चुनौती देने की अपील की।
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