Ali Ahmed: प्रयागराज में छोटे भाई अबान के जनाजे में पहुंचे अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। मूंछों पर ताव, चेहरे पर गंभीरता और बदले अंदाज ने लोगों को अतीक अहमद और अशरफ की याद दिला दी। लेकिन कब्रिस्तान में बड़े भाई उमर से लिपटकर रोते और छोटे भाई अजहम को संभालते अली का भावुक चेहरा भी सामने आया।
चार साल बाद प्रयागराज पहुंचा अली
झांसी जेल में बंद अली अहमद करीब चार साल बाद पैरोल पर प्रयागराज पहुंचा था। मौका था अपने छोटे भाई अबान अहमद को अंतिम विदाई देने का। कसारी-मसारी कब्रिस्तान में जब अली अपने पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ और भाइयों की कब्रों के पास पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों और मीडिया की नजरें उसी पर टिक गईं।अली की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनकी खूब चर्चा होने लगी। उसकी बॉडी लैंग्वेज, पहनावा और मूंछों पर ताव देते हुए अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा। कई तस्वीरों में अली काफी गंभीर नजर आया, तो कुछ तस्वीरों में वह अपने परिवार के साथ भावुक दिखाई दिया।बड़े भाई उमर से लिपटकर फूट-फूटकर रोया कब्रिस्तान में अली का एक अलग ही रूप देखने को मिला। छोटे भाई अबान को सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद वह अपने बड़े भाई उमर से लिपटकर फूट-फूटकर रोता नजर आया। परिवार के इस मुश्किल वक्त में अली खुद को संभाल नहीं सका।वहीं, बाल संरक्षण गृह से आए छोटे भाई अजहम को भी अली ने अपने पास रखा और उसे चुप कराते हुए दुलार किया। एक तरफ चेहरे पर सख्ती और मूंछों पर ताव नजर आया, तो दूसरी तरफ भाई के बिछड़ने का दर्द उसकी आंखों से साफ दिखाई दिया।
Ali Ahmed: कौन है अली अहमद?
अतीक अहमद के पांच बेटों में अली अहमद दूसरे नंबर का बेटा है। अतीक के परिवार में उमर, अली, असद, अजहम और अबान पांच बेटे थे। अली का नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है और वह लंबे समय से जेल में बंद है।अतीक अहमद और अशरफ के जेल में रहने के दौरान अली पर उनके कथित नेटवर्क और गतिविधियों को संभालने की कोशिश करने के आरोप भी लगे। साल 2022 में करेली के प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।इसके बाद 30 जुलाई 2022 से अली अहमद जेल में बंद है।मई 2025 में नैनी सेंट्रल जेल में अधिकारियों के अचानक निरीक्षण के दौरान अली अहमद की बैरक से नकदी और कुछ आपत्तिजनक सामान मिलने की बात सामने आई थी। इस मामले में जेल प्रशासन के स्तर पर भी कार्रवाई हुई थी।घटना के बाद डिप्टी जेलर का देवी और जेल वार्डन संजय द्विवेदी को निलंबित किया गया था। जेल के भीतर अली तक नकदी और प्रतिबंधित सामान पहुंचने को लेकर भी कई सवाल उठे थे।
Ali Ahmed: फांसी बैरक में रखा गया, फिर झांसी जेल भेजा गया
नैनी जेल की घटना के बाद अली अहमद को कड़ी सुरक्षा वाली फांसी बैरक में स्थानांतरित किया गया था। इस बैरक में चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रहती है।बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अली को झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया। वह लंबे समय से झांसी जेल में बंद है। जेल प्रशासन की ओर से उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जाने की बात भी सामने आती रही है।अली अहमद ने अपनी को लेकर अदालत का भी दरवाजा खटखटाया था। पेशी के दौरान सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते हुए उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।हालांकि दिसंबर 2023 में कोर्ट ने केवल काल्पनिक आशंका के आधार पर सुरक्षा मुहैया कराने से इनकार करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी थी।
अबान की मौत ने फिर सामने ला दिया परिवार का दर्द
अबान अहमद के जनाजे में चार साल बाद अली की मौजूदगी ने एक बार फिर अतीक अहमद के परिवार को सुर्खियों में ला दिया। एक तरफ अली की बदली हुई शक्ल-सूरत और मूंछों पर ताव देते हुए तस्वीरें चर्चा में रहीं, तो दूसरी तरफ छोटे भाई को अंतिम विदाई देते वक्त उसका टूट जाना भी कैमरों में कैद हुआ।कब्रिस्तान में पिता अतीक, चाचा अशरफ और भाइयों की कब्रों के सामने खड़ा अली लंबे समय बाद अपने परिवार के बीच था। जनाजे की इस पूरी तस्वीर में उसका सख्त अंदाज और भावुक चेहरा दोनों साथ-साथ दिखाई दिए।
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