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फर्जी वकीलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI जांच की मांग पर केंद्र को नोटिस

Supreme Court

Supreme Court: देश में कथित फर्जी वकीलों की बढ़ती संख्या और वकालत के पेशे के दुरुपयोग के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। मंगलवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने फर्जी वकीलों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। याचिका में दावा किया गया है कि अकेले इलाहाबाद बार में 1,000 से ज्यादा लोग फर्जी तरीके से वकालत कर रहे हैं। कोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए केंद्र से जवाब मांगा है।

फर्जी वकीलों पर कार्रवाई की मांग

याचिका वकील राजा चौधरी की ओर से दाखिल की गई है। इसमें कहा गया है कि ऐसे लोग वकालत के पेशे का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और खुद को वकील बताकर लोगों से पैसे वसूल रहे हैं। याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जाए, ताकि देशभर में फर्जी वकीलों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि यह समस्या सिर्फ इलाहाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आ सकते हैं।

Supreme Court: इलाहाबाद में 1,000 से ज्यादा फर्जी वकीलों का दावा

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद बार में 1,000 से अधिक कथित फर्जी वकीलों के होने का दावा किया। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के सामने 105 वकीलों से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से भी ऐसे मामलों में कार्रवाई शुरू किए जाने का उल्लेख सुनवाई के दौरान किया गया। इससे पहले एक मामले में हाई कोर्ट ने वकालत के पेशे में कथित आपराधिक तत्वों की मौजूदगी पर चिंता जताई थी।

68 वकीलों पर FIR, जांच का दायरा बढ़ा

इलाहाबाद में बार काउंसिल की सिफारिश के बाद 68 वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। यूपी पुलिस के अनुसार, करीब 100 FIR दर्ज किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। याचिका में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा के उस बयान का भी हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने बड़ी संख्या में कथित फर्जी वकीलों की मौजूदगी की बात कही थी।

Supreme Court: देश में करीब 20 लाख रजिस्टर्ड एडवोकेट

कानून मंत्रालय ने अगस्त 2023 में राज्यसभा में बताया था कि देश में करीब 20 लाख रजिस्टर्ड एडवोकेट हैं। बार काउंसिल के अनुसार हर साल करीब 80 हजार नए वकील इनरोल होते हैं। वकालत की प्रैक्टिस के लिए कानून की डिग्री के साथ आवश्यक परीक्षा पास करना जरूरी है। वकीलों की प्रैक्टिस की पुष्टि के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस वेरिफिकेशन रूल्स-2015 लागू हैं। इसके तहत समय-समय पर वकीलों से उनकी प्रैक्टिस की जानकारी ली जाती है। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के साथ फर्जी वकीलों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर केंद्र के जवाब पर नजर रहेगी।

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