Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में जमीन हड़पने के कथित मामले ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। नदिया की जिला अदालत ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत 30 लोगों के खिलाफ पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों में सरकारी जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर उसे बेचा गया। मामले में टीएमसी के मौजूदा और पूर्व नेताओं के नाम भी शिकायत में शामिल हैं। हालांकि, टीएमसी से जुड़े लोगों ने आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
मामला कालीगंज निवासी बपन घोष की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 15 जुलाई को कृष्णानगर जिला सेशन कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि वर्ष 2016 से कई सरकारी जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया। शिकायत के मुताबिक, कब्जे के बाद इन जमीनों को कालीगंज और नदिया जिले के बेनडांगा-2 ब्लॉक के शक्तिपुर गांव सहित कुछ इलाकों में बेचने का कथित प्रयास किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जमीन पर कब्जे के दौरान बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई भी की गई। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ सरकारी संपत्ति को भी क्षति पहुंची।
Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी समेत कई नेताओं के नाम
शिकायत में अभिषेक बनर्जी के अलावा कालीगंज से टीएमसी विधायक अलीफ अहमद, बेलडांगा के पूर्व विधायक हसनुज्जमान शेख और पूर्व सरकारों में विधायक रहे कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। बपन घोष का दावा है कि उन्होंने कथित जमीन कब्जे को लेकर पुलिस और वन विभाग से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उन्हें टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से धमकियां मिलीं।
कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस जांच
पश्चिम बंगाल में हाल में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद घोष ने मामले को लेकर नदिया जिला सेशन कोर्ट का रुख किया। गुरुवार को अदालत ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस को जांच करने का निर्देश दिया। अब पुलिस जांच के दौरान जमीन के स्वामित्व, कथित कब्जे, बिक्री और पेड़ों की कटाई से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जाएगी। वहीं, टीएमसी से जुड़े नेताओं का कहना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक बदले की भावना से आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ये भी पढ़ें…स्कूलों की बदहाली पर छात्रों का फूटा गुस्सा, 4 राज्यों में प्रदर्शन से प्रशासन की बढ़ी चिंता








