Alcohol Prohibition: बिहार में वर्ष 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी को लेकर सरकार ने अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। मद्यनिषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी ने कहा कि शराबबंदी खत्म करने या कानून में बदलाव का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने साफ किया कि बिहार में शराबबंदी पहले की तरह जारी रहेगी। सरकार अब शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। शराब की खेप पकड़े जाने पर केवल तस्कर, चालक या वाहन ही नहीं, बल्कि संबंधित ब्रांड और कंपनी तक की जांच की जाएगी।
तस्कर के साथ कंपनी पर भी होगी कार्रवाई
मदन सहनी के मुताबिक, दूसरे राज्यों से बिहार में पहुंचाई जा रही विदेशी शराब लगातार पकड़ी जा रही है। अब जिस कंपनी या ब्रांड की शराब बिहार में जब्त होगी, उसके स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जाएगी। विभाग ने पिछले महीने इस संबंध में निर्देश जारी किया था और कार्रवाई शुरू भी हो चुकी है। पटना में दूसरे राज्य से शराब लेकर आए एक ट्रक की बरामदगी के बाद संबंधित कंपनी को भी जांच के दायरे में लाया गया है। जरूरत पड़ने पर कंपनी के मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Alcohol Prohibition: पश्चिम बंगाल, झारखंड और हरियाणा से तस्करी की चुनौती
शराबबंदी के बावजूद बिहार में दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और हरियाणा से शराब की खेप बिहार पहुंचने के मामले सामने आते रहे हैं। तस्कर ट्रक, कार और अन्य वाहनों के जरिए शराब छिपाकर लाने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा अवैध कारोबार में तैयार शराब के बजाय स्प्रिट की तस्करी और बिहार में अलग-अलग ब्रांड के नाम पर अवैध शराब तैयार करने की आशंका भी सामने आती रही है। ऐसे में सरकार सप्लाई चेन के पीछे मौजूद नेटवर्क तक पहुंचने पर जोर दे रही है।
दालकोला चेकपोस्ट मामले से बढ़ी चिंता
पूर्णिया के दालकोला चेकपोस्ट पर शराब तस्करी के मामले में कथित मिलीभगत ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। यहां एक शराब तस्कर के साथ स्कैनर ऑपरेटर को भी गिरफ्तार किया गया। इससे शराब तस्करी रोकने वाली निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। मंत्री ने कहा कि मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है। उनका कहना है कि शराबबंदी लागू हुए करीब दस साल हो चुके हैं, लेकिन कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
Alcohol Prohibition: शराबबंदी खत्म करने की चर्चा पर सरकार ने लगाया विराम
शराबबंदी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कानून में बदलाव या इसे खत्म करने की चर्चाएं चल रही थीं। एनडीए के भीतर भी इसे प्रभावी बनाने को लेकर अलग-अलग सुझाव सामने आते रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी बिहार में गुजरात मॉडल की तर्ज पर शराबबंदी लागू करने की बात कह चुके हैं। हालांकि, मदन सहनी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कानून में संशोधन का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार का फोकस अब शराबबंदी को और प्रभावी बनाने तथा तस्करी के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करने पर है। यानी बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी और आने वाले समय में कार्रवाई सिर्फ बोतल या तस्कर तक सीमित रहने के बजाय उसके पीछे मौजूद ब्रांड, कंपनी और सप्लाई चेन तक पहुंच सकती है।








