Home » Breaking News » विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: हिमंता बोले- ‘मां भारती के जबरन बंटवारे के जख्म को देश कभी नहीं भूलेंगे’

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: हिमंता बोले- ‘मां भारती के जबरन बंटवारे के जख्म को देश कभी नहीं भूलेंगे’

Himanta Biswa Sarma’s statement: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 1947 के विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश को विभाजन की पीड़ा और उससे हुए नुकसान को कभी नहीं भूलना चाहिए। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि इतिहास की इस त्रासदी से सीख लेकर राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा के प्रति सजग रहना जरूरी है।

‘विभाजन के घाव कभी नहीं भूलेंगे’

हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ‘मां भारती पर मुस्लिम लीग द्वारा थोपे गए जबरन विभाजन के घावों’ को कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान अनगिनत निर्दोष लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में परिवारों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा।

Himanta Biswa Sarma’s statement: लाखों लोगों ने झेली विस्थापन की पीड़ा

असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 का विभाजन आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े जन विस्थापनों में से एक था। सांप्रदायिक हिंसा के बीच लाखों लोग विस्थापित हुए, परिवार बिछड़ गए और लोगों को अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़े।

पीड़ितों के बलिदान को याद रखने की अपील

सरमा ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन लोगों को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने इस दर्दनाक दौर में अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि देश को उनके बलिदान और पीड़ा को हमेशा याद रखना चाहिए।

Himanta Biswa Sarma’s statement: एकता और सतर्कता का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने लोगों से देश की एकता और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी के दौरान आम लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि अतीत से सबक लेकर देश को आगे बढ़ना चाहिए और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

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