Modern Dupatta Fashion: कभी दुपट्टा भारतीय पहनावे का एक जरूरी हिस्सा था, जिसे सिर पर या दोनों कंधों पर सलीके से रखना शालीनता और परंपरा से जोड़ा जाता था। लेकिन फैशन की बदलती दुनिया में अब दुपट्टे ने भी अपनी सीमाएं तोड़ दी हैं। आज यह सिर्फ सलवार-कुर्ते या लहंगे तक सीमित नहीं है, बल्कि जींस, क्रॉप टॉप, शर्ट, स्कर्ट और इंडो-वेस्टर्न आउटफिट्स के साथ भी खूब नजर आता है। रोजमर्रा के लुक से लेकर पार्टी और शादी तक, दुपट्टा अब पूरे पहनावे को एक अलग पहचान देने लगा है। यानी कपड़ा वही है, लेकिन उसे पहनने का तरीका और उसके साथ किया जाने वाला प्रयोग पूरी तरह बदल गया है।

जब ड्रेपिंग बनी पहचान
दुपट्टे को अब पहनने का भी कोई एक तय तरीका नहीं रह गया है। कभी इसे एक कंधे पर ढीला छोड़ दिया जाता है, कभी गले में स्टोल की तरह लपेटा जाता है, तो कभी शरीर के चारों ओर लपेटकर पूरा लुक तैयार किया जाता है। पारंपरिक तरीके से सिर पर रखने के साथ-साथ क्रॉस-बॉडी ड्रेप, एक तरफ से गिरता हुआ दुपट्टा और दो अलग-अलग दुपट्टों की लेयरिंग भी फैशन में जगह बना रही है। डिजाइन और फैब्रिक में भी काफी बदलाव आया है। बांधनी, फुलकारी, बंधेज, चिकनकारी, मिरर वर्क, गोटा-पट्टी और सिक्विन जैसे पारंपरिक काम वाले दुपट्टे अब कॉन्ट्रास्टिंग रंगों और आधुनिक कपड़ों के साथ पहने जा रहे हैं। यही वजह है कि कॉलेज जाने वाली लड़की से लेकर दुल्हन तक, हर कोई इसे अपने अंदाज़ में अपना रहा है।
फैशन में बदलाव, जड़ों से जुड़ाव
वेटरन फैशन डिजाइनर रितु कुमार भी मानती हैं कि भारतीय टेक्सटाइल और पारंपरिक कारीगरी को समय के साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। उनका कहना है कि बदलाव का मतलब अपनी जड़ों को छोड़ना नहीं है; पारंपरिक चीजों को नए आकार और नए अंदाज़ में ढालकर उन्हें आज की पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बनाया जा सकता है। दुपट्टे में दिखाई दे रहा बदलाव इसी सोच को दर्शाता है। एक साधारण दुपट्टा कभी रोजमर्रा की पोशाक का हिस्सा बन जाता है, तो कभी वही बारीक कढ़ाई और पारंपरिक काम के साथ शादी के लहंगे की खास पहचान। आज डिजाइनर पुराने शिल्प को नए सिल्हूट और स्टाइल के साथ जोड़ रहे हैं, जिससे दुपट्टा अपनी भारतीय पहचान बनाए रखते हुए आधुनिक नजर आता है।

दुल्हनों से लेकर Gen Z तक
इस बदलाव का असर ब्राइडल फैशन में भी साफ दिखाई देता है। आज की दुल्हन दुपट्टे को केवल सिर ढकने के लिए नहीं, बल्कि अपने लुक और अपनी कहानी का हिस्सा बनाने के लिए चुन रही है। दीपिका पादुकोण के 2018 के ब्राइडल लुक में लाल दुपट्टे पर संस्कृत का पारंपरिक आशीर्वाद लिखा था, वहीं मसाबा गुप्ता ने अपनी शादी में दो दुपट्टों-एक लाइम ग्रीन और दूसरा रानी पिंक—के साथ अपने व्यक्तित्व और पसंद को सामने रखा। आज की युवा पीढ़ी के लिए दुपट्टा किसी तय नियम में बंधा हुआ परिधान नहीं, बल्कि अपनी पसंद जाहिर करने का जरिया है। यही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है—दुपट्टा बदलते फैशन के साथ अपना अंदाज़ बदल रहा है, लेकिन अपनी भारतीय पहचान को पीछे नहीं छोड़ रहा।
Written by- Mahi modi
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