Lalu Yadav IRCTC Scam: आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर राऊज एवेन्यू कोर्ट का फैसला एक बार फिर टल गया है। अदालत अब 27 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी।
लालू परिवार के कई सदस्य आरोपी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप तय करने पर अदालत को शुक्रवार को फैसला सुनाना था, लेकिन इसे एक बार फिर आगे बढ़ा दिया गया।
Lalu Yadav IRCTC Scam: पहले भी कई बार टल चुका है फैसला
इस मामले में आरोप तय करने की सुनवाई पहले भी कई बार टल चुकी है। 16 जून को अदालत ने तारीख 31 जुलाई तक बढ़ाई थी। इसके बाद 31 जुलाई को फैसला 14 अगस्त तक टाल दिया गया था। अब अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की है।
2004 से 2009 के बीच का है मामला
ईडी के अनुसार, वर्ष 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान आईआरसीटीसी के होटलों के संचालन के ठेकों में कथित अनियमितताएं हुई थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि ठेका तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना लालू यादव के करीबी सहयोगियों से जुड़ी एक निजी कंपनी को दिया गया।
Lalu Yadav IRCTC Scam: जमीन के लेनदेन का भी आरोप
अभियोजन पक्ष का दावा है कि इन ठेकों के बदले लालू यादव के परिवार और सहयोगियों से जुड़ी एक कथित बेनामी कंपनी के माध्यम से करीब तीन एकड़ कीमती जमीन हासिल की गई। हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है। परिवार की ओर से कहा गया है कि आईआरसीटीसी के होटलों के लिए टेंडर प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई थी।
27 अगस्त पर टिकी नजर
अब राऊज एवेन्यू कोर्ट 27 अगस्त को आरोप तय करने के मुद्दे पर फैसला सुनाएगी। मामले में लालू परिवार के कई सदस्यों के आरोपी होने के कारण अदालत के अगले आदेश पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।
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