Ram Mandir SIT Report: राम मंदिर के चढ़ावा और दान में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में SIT की फाइनल रिपोर्ट को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवश्यक कार्रवाई के साथ सौंप दी है। रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा के नाम को लेकर अब नई तस्वीर सामने आती दिख रही है। हालांकि, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने के कारण इसे फिलहाल क्लीन चिट की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता।
फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय के नाम को लेकर क्या संकेत?
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट को लेकर सामने आई जानकारी में चंपत राय का नाम नहीं था। वहीं अनिल मिश्रा की भूमिका का जिक्र किया गया था। अब फाइनल रिपोर्ट में दोनों के नाम को लेकर अलग-अलग तरह के संकेत सामने आ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों का नाम नहीं है, जबकि आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट की पूरी सामग्री अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में दोनों को क्लीन चिट मिलने की बात पर अंतिम मुहर रिपोर्ट सामने आने के बाद ही लगेगी।
Ram Mandir SIT Report: पहले रिपोर्ट में अनिल मिश्रा की भूमिका पर उठे थे सवाल
SIT की शुरुआती जांच में पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती और निगरानी व्यवस्था में लापरवाही का उल्लेख सामने आया था। यही वजह थी कि शुरुआती दौर में अनिल मिश्रा का नाम इस विवाद के केंद्र में रहा।वहीं चंपत राय का नाम प्रारंभिक SIT रिपोर्ट में नहीं होने की बात सामने आई थी। इससे उनकी भूमिका को लेकर भी लगातार चर्चा बनी रही।
Ram Mandir SIT Report: 25 जून को दर्ज हुई थी पहली FIR
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद 25 जून को राम मंदिर चढ़ावा मामले में पहली FIR दर्ज की गई थी। इसमें आठ लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित गड़बड़ी तथा राशि से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की थी। FIR में चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और अनिल मिश्रा से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल थे।मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ BNS और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके बाद जांच और पूछताछ का सिलसिला आगे बढ़ा।
SIT ने खंगाले थे कई पहलू
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। टीम ने मंदिर में चढ़ावे की गिनती, कर्मचारियों की भूमिका, निगरानी व्यवस्था, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की। प्रारंभिक रिपोर्ट में कई स्तरों पर लापरवाही और अनियमितताओं की बात सामने आई थी।
Ram Mandir SIT Report: अब रिपोर्ट सार्वजनिक होने का इंतजार
SIT की फाइनल रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इसमें किन-किन लोगों की भूमिका तय की गई है और किन लोगों को राहत मिली है। फिलहाल रिपोर्ट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले से जुड़ी SIT की स्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की गई थी और उसे सार्वजनिक करने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया।ऐसे में चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर सामने आए संकेतों ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि फाइनल रिपोर्ट में वास्तव में किन नामों और किन जिम्मेदारियों का उल्लेख किया गया है और आगे ट्रस्ट व जांच एजेंसियों की ओर से क्या कार्रवाई होती है।
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