Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का 14वां दिन भारत के लिए बेहद खास रहा। दिन की शुरुआत महिला तीरंदाजों के स्वर्ण पदक से हुई और अंत भारतीय महिला हॉकी टीम के 44 साल लंबे स्वर्ण पदक के सूखे के खत्म होने के साथ हुआ। एक ही दिन में भारत ने हॉकी, बॉक्सिंग, कुश्ती और तीरंदाजी समेत कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया। दिन खत्म होने तक भारत के खाते में 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य समेत कुल 76 पदक हो गए।
महिला हॉकी ने खत्म किया 44 साल का इंतजार
दिन का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय महिला हॉकी टीम का स्वर्ण पदक रहा। फाइनल में भारत ने मेजबान चीन को 1-0 से हराया। भारत के लिए लालरेमसियामी ने निर्णायक गोल किया, जबकि गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने का मौका नहीं दिया।भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ 44 साल बाद भारत ने महिला हॉकी में एशियाई खेलों का स्वर्ण हासिल किया। इस स्वर्ण के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया।
Asian Games 2026: बॉक्सिंग रिंग में तीन गोल्ड
भारत के लिए बॉक्सिंग में भी दिन शानदार रहा। लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम वर्ग में चीन की बाओ जियाओजी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह एशियन गेम्स में लवलीना का पहला स्वर्ण पदक है। इसके अलावा परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम वर्ग में चाइनीज ताइपे की चिन नीन-चिन को हराकर स्वर्ण जीता। वहीं अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम वर्ग में कोरियाई मुक्केबाज को हराकर भारत के खाते में एक और स्वर्ण जोड़ा। इस तरह बॉक्सिंग ने भारत की पदक तालिका को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।
Asian Games 2026: सुजीत कलकल का कमाल
कुश्ती में सुजीत कलकल ने ऐसा मुकाबला जीता जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में वह ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव के खिलाफ एक समय 2-9 से पीछे थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार अंक जुटाए और मुकाबले के आखिरी पांच सेकंड में बढ़त हासिल कर 10-9 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले सुजीत ने सेमीफाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। एशियन गेम्स में यह कुश्ती से भारत का पहला स्वर्ण पदक रहा।
Asian Games 2026: तीरंदाजी में स्वर्ण से शुरुआत
भारत के लिए दिन की शुरुआत तीरंदाजी में स्वर्ण पदक से हुई। महिला तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दिन का पहला स्वर्ण दिलाया। वहीं पुरुष रिकर्व टीम ने भी फाइनल तक पहुंचकर पदक पक्का किया। खिताबी मुकाबले में भारत का सामना दक्षिण कोरिया से हुआ। कड़े मुकाबले में कोरियाई टीम ने जीत दर्ज की और भारतीय टीम को रजत पदक मिला। भारतीय तिकड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन किया और फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता दिखाई।
सेपकटकरा और सेलिंग में भी आगे
सेपकटकरा के पुरुष टीम वर्ग में भारत ने जापान को 2-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। भारतीय टीम ने दोनों सेट 15-12 और 15-13 से अपने नाम किए। वहीं सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने महिला डिंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। यह एशियन गेम्स में उनका पहला पदक रहा। इससे पहले 2018 में वह सातवें और 2023 में चौथे स्थान पर रही थीं।
भारत की नजर अब अंतिम दिन पर
14वें दिन के अंत तक भारत ने 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य समेत कुल 76 पदक अपने नाम कर लिए। एक ही दिन में हॉकी, बॉक्सिंग, कुश्ती और तीरंदाजी से मिले स्वर्ण ने भारत के अभियान को नई मजबूती दी। अब एशियन गेम्स अपने अंतिम पड़ाव पर है। भारत के लिए 14वां दिन सिर्फ पदकों की संख्या बढ़ाने वाला दिन नहीं रहा, बल्कि महिला हॉकी के 44 साल पुराने इंतजार के खत्म होने, सुजीत कलकल के अविश्वसनीय कमबैक और बॉक्सिंग में लगातार स्वर्ण जीतने के कारण यादगार बन गया।
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