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First Metro in India: भारत में सबसे पहले कब चली थी मेट्रो ? दिल्ली नहीं, इस शहर ने दिखाई थी देश को पहली मेट्रो की राह

First Metro in India: भारत में सबसे पहले कब चली थी मेट्रो ? दिल्ली नहीं, इस शहर ने दिखाई थी देश को पहली मेट्रो की राह

First Metro in India: आज देश के कई बड़े शहरों में मेट्रो ट्रेन लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद से लेकर कई शहरों में लाखों लोग हर दिन मेट्रो से सफर करते हैं। मेट्रो ने न सिर्फ शहरों के बीच आवाजाही आसान की है, बल्कि ट्रैफिक और समय की समस्या को भी काफी हद तक कम किया है। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में मेट्रो की शुरुआत आखिर कहां से हुई थी? अगर आपका जवाब दिल्ली है, तो आप गलत हैं। देश में पहली मेट्रो ट्रेन कोलकाता में चली थी।

1920 के दशक में आया था मेट्रो का विचार

भारत में मेट्रो जैसी तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का विचार सबसे पहले कोलकाता के लिए सामने आया था। 1920 के दशक में बढ़ती आबादी और सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए शहर में भूमिगत रेल व्यवस्था की जरूरत महसूस की गई थी। उस समय कोलकाता देश के सबसे व्यस्त शहरों में शामिल था और लोगों की बढ़ती आवाजाही के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था की जरूरत लगातार महसूस हो रही थी।हालांकि उस दौर में तकनीकी संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के कारण यह योजना जमीन पर नहीं उतर सकी। मेट्रो का सपना कई दशकों तक कागजों और योजनाओं में ही घूमता रहा।

First Metro in India: आजादी के बाद फिर तेज हुई कवायद

आजादी के बाद कोलकाता की आबादी और यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा। सड़कों पर बढ़ते जाम ने एक बार फिर तेज और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की जरूरत पैदा कर दी। इसके बाद सरकार ने कोलकाता में मेट्रो परियोजना पर गंभीरता से काम शुरू किया।लंबी योजना, तकनीकी चुनौतियों और वर्षों के निर्माण कार्य के बाद आखिरकार वह ऐतिहासिक दिन आया, जब भारत ने पहली बार मेट्रो ट्रेन को पटरी पर दौड़ते देखा।

First Metro in India: 24 अक्टूबर 1984 को रचा गया इतिहास

24 अक्टूबर 1984 को कोलकाता में भारत की पहली मेट्रो सेवा शुरू हुई। शुरुआती दौर में यह ट्रेन एस्प्लेनेड से भवानीपुर के बीच करीब 3.4 किलोमीटर के छोटे से हिस्से पर चलाई गई थी।यह शुरुआत भले ही छोटे रूट से हुई थी, लेकिन इसका असर पूरे देश के परिवहन क्षेत्र पर पड़ा। कोलकाता की इस ऐतिहासिक शुरुआत ने यह साबित कर दिया कि बड़े और भीड़भाड़ वाले भारतीय शहरों में मेट्रो जैसी आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जा सकती है।

दिल्ली में 18 साल बाद दौड़ी मेट्रो

कोलकाता के बाद देश की राजधानी दिल्ली में मेट्रो का सपना साकार हुआ। दिल्ली में तेज परिवहन व्यवस्था की जरूरत को लेकर 1969 में अध्ययन शुरू हुआ था, लेकिन परियोजना को जमीन पर आने में कई दशक लग गए।आखिरकार 24 दिसंबर 2002 को दिल्ली मेट्रो ने अपनी सेवा शुरू की। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ और यह शहर की लाइफलाइन बन गई।

First Metro in India: कोलकाता से शुरू हुआ सफर आज देशभर में फैला

भारत की पहली मेट्रो का सफर कोलकाता से शुरू हुआ था, लेकिन आज इसकी पहुंच देश के कई शहरों तक हो चुकी है। दिल्ली के बाद मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कई अन्य शहरों में भी मेट्रो नेटवर्क विकसित किए गए।इस तरह करीब चार दशक पहले कोलकाता की महज कुछ किलोमीटर की यात्रा से शुरू हुआ मेट्रो का सफर आज भारत के आधुनिक शहरी परिवहन की पहचान बन चुका है। जिस व्यवस्था को कभी केवल एक योजना माना जा रहा था, वही आज करोड़ों यात्रियों की तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद यात्रा का माध्यम बन गई है।

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