Chamarajanagar Encounter: चामराजनगर जिले के हनूर में तीन लोगों की मौत के मामले को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कथित दखलंदाजी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वह केवल “ईसाई मुख्यमंत्री” के तौर पर काम कर रहे हैं या पूरे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं।
तमिलनाडु सीएम की दखलंदाजी पर सवाल
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में विजयेंद्र ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने चामराजनगर की घटना को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि एक आर्कबिशप ने भी कर्नाटक सरकार से मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा और जेडीएस ने विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने मानवीय आधार पर तीनों मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग का समर्थन किया।
Chamarajanagar Encounter: ‘मृतकों को धर्म या जाति का रंग देना उचित नहीं’
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या मृतकों को जाति या धर्म का रंग देना उचित है। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले समुदायों और वन विभाग के बीच टकराव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष भी बढ़ रहा है। विजयेंद्र ने मदिकेरी, शिवमोग्गा, उत्तर कन्नड़ और तटीय कर्नाटक समेत कई इलाकों में ऐसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार से जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेने की अपील की।
मुठभेड़ की परिस्थितियों पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेता ने मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वन अधिकारी टॉर्च लेकर जंगल में गए थे तो गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर मुठभेड़ की नौबत क्यों आई। विजयेंद्र ने राज्य सरकार से घटना में किसी तरह की चूक हुई है तो उसे स्वीकार करने और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
Chamarajanagar Encounter: तमिलनाडु सीएम ने घटना को बताया था ‘नरसंहार’
गौरतलब है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 15 अगस्त को कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में तीन तमिल लोगों—एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार—की मौत पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने घटना को “नरसंहार” बताते हुए कर्नाटक सरकार के इस दावे को खारिज किया था कि मौतें अवैध शिकार विरोधी अभियान के दौरान हुई गोलीबारी के जवाब में हुईं।
कर्नाटक सरकार का अलग दावा
वहीं, कर्नाटक सरकार ने विधानसभा में अपने बयान में कहा था कि चामराजनगर के रिजर्व फॉरेस्ट में तीन कथित शिकारियों की मौत उस समय हुई, जब वन विभाग के कर्मचारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। सरकार के अनुसार, कथित शिकारियों ने वनकर्मियों पर गोलीबारी की थी। घटना को लेकर दोनों राज्यों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब विपक्ष मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
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