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महाराष्ट्र: गणपति जुलूस में अंडे फेंके जाने का आरोप, मझगांव में 4 घंटे तक तनाव; हजारों लोग जुटे

मझगांव में गणपति जुलूस के दौरान हंगामा

Ganpati Procession: दक्षिण मुंबई के मझगांव इलाके में रविवार रात गणपति बप्पा के आगमन जुलूस के दौरान विवाद हो गया। जुलूस के बीच अंडे फेंके जाने के आरोप के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। करीब चार घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए।बताया गया कि करीब 10 से 15 हजार लोग मौके पर मौजूद थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लोगों को काफी समझाया और धीरे-धीरे वहां से हटाया। सुबह तक इलाके में शांति बहाल कर दी गई। एहतियात के तौर पर इलाके और गणेश पंडाल के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर

मुंबई पुलिस के मुताबिक, भायखला पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 296 और 196 के तहत एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ‘माझगावचा मोरया’ के एक सदस्य की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।

भीड़ ने की गिरफ्तारी की मांग

घटना के बाद माहौल बिगड़ने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर बुलाना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की।इस दौरान भीड़ की ओर से उस इमारत पर पत्थर फेंके जाने की बात भी सामने आई है, जहां से कथित तौर पर जुलूस पर अंडे फेंके गए थे।

Ganpati Procession: मझगांव में गणपति जुलूस के दौरान हंगामा
मझगांव में गणपति जुलूस के दौरान हंगामा
मंडल पदाधिकारी ने क्या कहा?

माझगांवचा मोरया मंडल के डिप्टी सेक्रेटरी विवेक राणे ने घटना को लेकर कहा कि गणपति आगमन जुलूस के दौरान पंडाल से करीब 30 से 40 मीटर की दूरी पर एक इमारत मौजूद है। उनके अनुसार, पंडाल के सामने वाली इमारत में मौजूद कुछ लोगों ने जुलूस पर अंडे फेंकना शुरू कर दिया।विवेक राणे ने कहा कि इस तरह की घटना आपत्तिजनक है। उन्होंने मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।घटना के बाद एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वहां हनुमान चालीसा बजाई जाएगी। उसने कहा कि अगर सामने वाले लोग इसे सहन नहीं कर सकते तो उन्हें नीचे आकर बातचीत करनी चाहिए।

एफआईआर में दर्ज घटनाक्रम

दर्ज एफआईआर के अनुसार, मंडल के एक सदस्य ने पुलिस को बताया कि 23 अगस्त को दोपहर करीब 2:30 बजे गणेश उत्सव के लिए गणेश प्रतिमा लाने के उद्देश्य से मंडल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और करीब 150 से 200 महिला-पुरुष कार्यकर्ता लालबाग स्थित भारतमाता सिनेमा गृह के पास गणसंकुल में मौजूद थे।इसके बाद करीब 3:30 बजे गणसंकुल से गणेश प्रतिमा को ट्रॉली में रखकर जुलूस के रूप में ले जाया गया। जुलूस डॉ. बी.आर. अंबेडकर मार्ग से आगे बढ़ा और ई.एस. पाटणवाला रोड से होते हुए दाईं ओर मुड़कर रामभाऊ भोगले मार्ग की तरफ गया। इसके बाद जुलूस कॉन्टिनेंटल हाइट्स की सी विंग के सामने स्थित सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल, माझगांव के मंडप तक पहुंचाया जा रहा था।

रात में जुलूस के दौरान फेंका गया अंडा

एफआईआर में बताया गया है कि रात करीब 9:45 बजे कॉन्टिनेंटल हाइट्स सी विंग के सामने सड़क पर मंडल के कार्यकर्ता मंडप के पास बेंजो पथ के सामने नाच रहे थे। इसी दौरान कॉन्टिनेंटल बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से से किसी अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर एक अंडा फेंका।पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, अंडा कार्यकर्ताओं के नाचने वाली जगह और भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के बीच जाकर गिरा।

धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गणपति आगमन जुलूस के दौरान अंडा फेंकने की यह हरकत जानबूझकर की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे हिंदू धर्म और धार्मिक आस्था का अपमान हुआ तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य दो जातियों या धर्मों के बीच धार्मिक तनाव पैदा करना और सामाजिक एकता को प्रभावित करना था।फिलहाल पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े लोगों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

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