Onion Price: प्याज की कीमत बढ़ते ही अगर किसी पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है तो वो है आम आदमी। कुछ महीने पहले जब किसानों को मंडियों में प्याज के बेहद कम दाम मिल रहे थे, तब यही प्याज बाजार में लगभग 35 रुपये किलो तक बेची जा रही थी। लेकिन अब स्थिति काफी बदल चुकी है। कई जगह खुदरा बाजार में प्याज 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि किसानों को मंडी में लगभग 20-21 रुपये प्रति किलो का भाव मिल रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर किसान से प्याज लगभग 21 रुपये किलो में खरीदा जा रहा है, तो ग्राहक तक पहुंचते-पहुंचते इसकी कीमत 70 रुपये किलो कैसे हो जाती है? इस अंतर को समझने के लिए प्याज के खेत से ग्राहक की रसोई तक पहुंचने की पूरी सप्लाई चेन समझनी होगी।
किसान के खेत से शुरू होती है प्याज की कीमत
किसान जब खेत से प्याज निकालता है तो आमतौर पर उसे स्थानीय व्यापारी, मंडी या आढ़ती के जरिए बेचता है। किसान को मिलने वाला भाव खेत या मंडी स्तर का भाव होता है। किसान के लिए फसल को ज्यादा दिनों तक रोककर रखना हमेशा आसान नहीं होता। उसके पास पर्याप्त भंडारण की सुविधा नहीं होती और खेती के अगले चक्र के लिए उसे तुरंत पैसे की जरूरत भी होती है। ऐसे में वह कई बार कम कीमत पर भी अपनी फसल बेचने को मजबूर हो जाता है। यानी किसान उत्पादन का जोखिम उठाता है, लेकिन बाजार में बाद में कीमत बढ़ने का पूरा फायदा उसे नहीं मिल पाता।
Onion Price: प्याज महंगा क्यों?
किसान से प्याज खरीदने के बाद वह सीधे ग्राहक की दुकान तक नहीं पहुंचता। इसके बीच कई चरण आते हैं। सबसे पहले प्याज की छंटाई और ग्रेडिंग होती है। छोटे आकार, खराब या सड़े हुए प्याज अलग कर दिए जाते हैं। इसका मतलब है कि व्यापारी को किसान से खरीदी गई पूरी मात्रा बेचने को नहीं मिलती। उदाहरण के तौर पर व्यापारी ने 100 किलो प्याज खरीदा और छंटाई व खराबी के बाद सिर्फ 90 किलो प्याज बिक्री के लायक बचा। तो उसकी वास्तविक लागत सिर्फ खरीद मूल्य तक सीमित नहीं रहती। बाकी 10 किलो का नुकसान भी बिकने वाले प्याज की लागत में शामिल हो जाता है।
फिर जुड़ता है परिवहन का खर्च
प्याज को स्थानीय मंडी से बड़े थोक बाजार और फिर शहर की मंडियों तक पहुंचाने के लिए ट्रक या दूसरे वाहनों की जरूरत होती है। इसमें डीजल, ड्राइवर, मजदूरी, टोल और अन्य परिवहन खर्च शामिल होते हैं। प्याज बड़ी मात्रा में एक जगह से दूसरी जगह जाता है, इसलिए प्रति किलो खर्च कुछ रुपये ही हो सकता है, लेकिन पूरी सप्लाई पर यह रकम काफी बड़ी हो जाती है। जिसके बाद प्याज को बाजार में उतारने, चढ़ाने और संभालने का खर्च भी जुड़ता है।
Onion Price: कीमत बढ़ाने के ये भी है कारण
प्याज को कुछ समय तक स्टोर किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सही तापमान, हवा और भंडारण व्यवस्था जरूरी होती है। खराब भंडारण में प्याज सड़ने या खराब होने लगता है। अगर किसी व्यापारी ने बड़ी मात्रा में प्याज खरीदा और स्टोरेज के दौरान उसका कुछ हिस्सा खराब हो गया, तो उस नुकसान की भरपाई उसे बचे हुए प्याज की बिक्री से करनी पड़ती है। यही वेस्टेज यानी खराबी का जोखिम प्याज की लागत बढ़ाता है। प्याज की सप्लाई चेन में कई स्तर हो सकते हैं। स्थानीय खरीदार से लेकर कमीशन एजेंट, मंडी व्यापारी, बड़े थोक कारोबारी, शहर के थोक विक्रेता और आखिर में खुदरा दुकानदार तक प्याज पहुंच सकता है। हर स्तर पर व्यापारी अपने खर्च और कारोबारी मार्जिन को जोड़ता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यापारी बहुत बड़ा मुनाफा कमा रहा है। लेकिन जब परिवहन, मजदूरी, छंटाई, भंडारण, खराबी और मार्जिन जैसे कई खर्च अलग-अलग चरणों में जुड़ते हैं, तो किसान और ग्राहक के बीच कीमत का अंतर काफी बड़ा हो सकता है
कई बार बाजार में कीमत कम होने पर व्यापारी या स्टॉकिस्ट प्याज को तुरंत बाजार में बेचने के बजाय भंडारण में रोक सकते हैं। उनका अनुमान होता है कि आने वाले समय में कीमत बढ़ने पर उन्हें ज्यादा फायदा मिलेगा। अगर बड़ी मात्रा में प्याज बाजार में नहीं आता और दूसरी तरफ मांग बनी रहती है, तो उपलब्ध सप्लाई कम महसूस हो सकती है। इससे बाजार भाव बढ़ने का दबाव बन सकता है। हालांकि, हर कीमत वृद्धि को केवल जमाखोरी के कारण समझना सही नहीं होगा। उत्पादन, मौसम, फसल का समय, परिवहन, भंडारण क्षमता और अलग-अलग मंडियों में मांग-सप्लाई जैसे कई कारक कीमत को प्रभावित करते हैं।
किसान को फायदा क्यों नहीं मिलता?
सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसान अक्सर कीमत बढ़ने का इंतजार नहीं कर पाता। उसे फसल निकालने के बाद तुरंत नकदी चाहिए होती है। खेत खाली करके अगली फसल की तैयारी करनी होती है। उसके पास वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा नहीं होती और लंबे समय तक फसल रोकने का जोखिम भी रहता है। दूसरी तरफ, जिन कारोबारियों के पास भंडारण और बाजार तक पहुंच की सुविधा है, वे कीमतों में बदलाव का इंतजार कर सकते हैं। यहीं किसान और बाजार के बीच सबसे बड़ा अंतर दिखाई देता है।








